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Agra News: ठंड में सिकुड़ीं नसें, हार्टअटैक-लकवा के तीन गुना मरीज बढ़े
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एसएन में सर्जरी करते डॉक्टर
- फोटो : संस्थान
आगरा। गिरता पारा हृदय, उच्च रक्तचाप मरीजों की मुसीबत बढ़ा रहा है। इमरजेंसी में हृदय और लकवा के तीन गुना मरीज बढ़ गए हैं। इनमें से 35-50 की उम्र के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। इनमें 15 फीसदी की हालत गंभीर मिल रही है। 10 फीसदी मरीजों का ऑपरेशन करना पड़ रहा है।
न्यूरोसर्जरी विभाग के डाॅ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं और रक्तचाप बढ़ने पर मरीजों को लकवा मार रहा है। इमरजेंसी में रोजाना 20-25 मरीज लकवा के भर्ती हो रहे हैं। इनमें 30 फीसदी को किडनी, लिवर और मधुमेह की भी दिक्कत है। 15-20 फीसदी की हालत गंभीर मिल रही है। 10 फीसदी मरीजों की सर्जरी की जा रही है। बीते 30 दिनों में मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है।
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ठंड में रक्तसंचार प्रभावित होने से हार्टअटैक आ रहा है। इमरजेंसी में ऐसे 25-30 मरीज हैं। इनमें 35 से 50 साल की उम्र के करीब 50 फीसदी मरीज हैं। इनकी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी भी कर रहे हैं। बीते महीने से मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ने के कारण कैथ लैब में भी ऑपरेशन के लिए महीने भर की वेटिंग चल रही है।
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ये हैं लक्षण:
लकवा : बैठै-बेठे बेहोश होना, हाथ-पैर सुन्न होना, हाथ-मुंह टेढ़ा होना, तेज सिर दर्द के साथ उल्टियां होना।
हार्टअटैक : सीने का दर्द कंधों तक पहुंचना, तेज पसीना आना, घबराहट और चक्कर आना।
करें ये उपाय
- हृदय, उच्च रक्तचाप, मधुमेह मरीज ठंड में डॉक्टर से दवाएं एडजस्ट कराएं।
- रोजाना रक्तचाप मापें, अनियमित मिलने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- वजन, मधुमेह और रक्तचाप को नियंत्रित रखें। खुद से दवाएं बंद न करें।
- रोजाना तीन लीटर पानी जरूर पीएं, धूप खिलने पर ही बाहर घूमने जाएं।
- रात में शौचालय जाते समय शरीर को ढकें, 3-5 मिनट वार्मअप कर लें।
- तला हुआ और बाजार का खाना खाने से बचें, हरी सब्जी, मौसमी फल खाएं।
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न्यूरोसर्जरी विभाग के डाॅ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं और रक्तचाप बढ़ने पर मरीजों को लकवा मार रहा है। इमरजेंसी में रोजाना 20-25 मरीज लकवा के भर्ती हो रहे हैं। इनमें 30 फीसदी को किडनी, लिवर और मधुमेह की भी दिक्कत है। 15-20 फीसदी की हालत गंभीर मिल रही है। 10 फीसदी मरीजों की सर्जरी की जा रही है। बीते 30 दिनों में मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है।
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हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ठंड में रक्तसंचार प्रभावित होने से हार्टअटैक आ रहा है। इमरजेंसी में ऐसे 25-30 मरीज हैं। इनमें 35 से 50 साल की उम्र के करीब 50 फीसदी मरीज हैं। इनकी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी भी कर रहे हैं। बीते महीने से मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ने के कारण कैथ लैब में भी ऑपरेशन के लिए महीने भर की वेटिंग चल रही है।
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ये हैं लक्षण:
लकवा : बैठै-बेठे बेहोश होना, हाथ-पैर सुन्न होना, हाथ-मुंह टेढ़ा होना, तेज सिर दर्द के साथ उल्टियां होना।
हार्टअटैक : सीने का दर्द कंधों तक पहुंचना, तेज पसीना आना, घबराहट और चक्कर आना।
करें ये उपाय
- हृदय, उच्च रक्तचाप, मधुमेह मरीज ठंड में डॉक्टर से दवाएं एडजस्ट कराएं।
- रोजाना रक्तचाप मापें, अनियमित मिलने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- वजन, मधुमेह और रक्तचाप को नियंत्रित रखें। खुद से दवाएं बंद न करें।
- रोजाना तीन लीटर पानी जरूर पीएं, धूप खिलने पर ही बाहर घूमने जाएं।
- रात में शौचालय जाते समय शरीर को ढकें, 3-5 मिनट वार्मअप कर लें।
- तला हुआ और बाजार का खाना खाने से बचें, हरी सब्जी, मौसमी फल खाएं।