भरगैन। सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती संजरी के 810 वे उर्स के मौके पर कस्बे में उनके नाम की महफिल सजाई गई और फातिहा ख्वानी के साथ जिक्र-ए-ख्वाजा गरीब नवाज हुआ। मुल्क में खुशहाली, तरक्की और अमन की दुआ मांगी गई।
कस्बा पचवईया थोक स्थित मदरसा ख्वाजा महमूद चिश्ती में आयोजित कार्यक्रम में मुदर्रिस हाफिज खुशनवाज ने ख्वाजा साहब के जीवन पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज इस्लाम धर्म के एक महान सूफी संत थे, जिन्होंने गरीबों की भलाई के लिए कई कार्य किए हैं। अहमद थोक स्थित तकि ए पर आयोजित फातिहा ख्वानी में गौसिया मस्जिद के इमाम हाफिज मुहम्मद जुबैर अहमद खान ने कहा कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती संजरी अजमेरी एक प्रसिद्ध सूफी संत होने के साथ-साथ इस्लामिक विद्वान और दार्शनिक थे। दारुल उलूम चिश्तिया बरकाते रजा के उस्ताद कारी मुशीर अहमद ने कहा, ख्वाजा साहब का उर्स समाज में अमन व आपसी भाईचारे का पैगाम देता है। समाजसेवी रिहान खान ने कहा कि अजमेर स्थित दरगाह से सभी धर्मों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इसे सर्वधर्म सद्भाव की अदभुत मिसाल भी कहा जाता है। भीकन थोक सहित कई स्थानों और घरों पर ख्वाजा साहब के नाम की फातिहा ख्वानी और जिक्र-ए-ख्वाजा गरीब नवाज का आयोजन हुआ। इस दौरान हाफिज हुसैन खान, मास्टर नूर आलम खान, शकील खान, मुस्लिम मियां, आमिर खान, सैबुल हसन, हाजी अकरम अली, अमान खान, नदीम खान आदि मौजूद रहे।