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Agra News: वेंटीलेटर नहीं मिल पाया...एसएन मेडिकल कॉलेज में बच्ची की माैत पर हंगामा, सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत
Fri, 21 Mar 2025 09:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 21 Mar 2025 09:38 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में17 मार्च को भर्ती की गई चार वर्षीय बच्ची की सर्जरी के बाद तबीयत बिगड़ गई। काफी प्रयास के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने हंगामा कर दिया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में चार वर्षीय बच्ची की बृहस्पतिवार को मृत्यु हो गई। परिजनों ने बच्ची के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की तबीयत बिगड़ी, लेकिन उसे वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं कराया गया। दवाएं भी बाजार से मंगवाई गईं।
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बुखार आने पर कराई थी भर्ती
सैंया क्षेत्र के निवासी सौदान सिंह ने बताया कि उनकी चार वर्ष की नातिन मानिका को बुखार के कारण 17 मार्च को बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद 19 मार्च को अल्ट्रासाउंड कराया। लिवर में फोड़ा बताते हुए ऑपरेशन करने के लिए बाजार से दवाएं मंगाई गई। रात में ऑपरेशन के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती गई। आरोप है कि रात में तबीयत बिगड़ने पर ना डाक्टर आए, न नर्स। वेंटिलेटर पर भी शिफ्ट नहीं किया गया। एक पर्चा लेकर दवा लेने के लिए भेज दिया। वापस आए तो बच्ची की मृत्यु होने की जानकारी दी।
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सैंया क्षेत्र के निवासी सौदान सिंह ने बताया कि उनकी चार वर्ष की नातिन मानिका को बुखार के कारण 17 मार्च को बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद 19 मार्च को अल्ट्रासाउंड कराया। लिवर में फोड़ा बताते हुए ऑपरेशन करने के लिए बाजार से दवाएं मंगाई गई। रात में ऑपरेशन के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती गई। आरोप है कि रात में तबीयत बिगड़ने पर ना डाक्टर आए, न नर्स। वेंटिलेटर पर भी शिफ्ट नहीं किया गया। एक पर्चा लेकर दवा लेने के लिए भेज दिया। वापस आए तो बच्ची की मृत्यु होने की जानकारी दी।
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बच्ची की हालत थी गंभीर
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में आई थी, लिवर में फोड़ा था, उसे हटाने के लिए सर्जरी की गई। बच्ची को बचाने के हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन जान नहीं बच सकी। जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं वही बाजार से मंगाई गई होंगी।
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इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में आई थी, लिवर में फोड़ा था, उसे हटाने के लिए सर्जरी की गई। बच्ची को बचाने के हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन जान नहीं बच सकी। जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं वही बाजार से मंगाई गई होंगी।
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