आजादी का अमृत महोत्सव: मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सीआईएसएफ जवानों संग दौड़ाई साइकिल

न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 29 Sep 2021 04:27 PM IST
मथुरा: ऊर्जा मंत्री सीआईएसएफ जवानों के साथ
1 of 5
विज्ञापन
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को मथुरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सीआईएसएफ द्वारा आयोजित साइकिल रैली में जवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने देश के विभिन्न स्थानों से आई रैलियों को हरी झंडी दिखाकर राजघाट के लिए रवाना किया। ऊर्जा मंत्री ने देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य की मिसाल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंक को मुंहतोड़ जवाब देने के प्रतीक सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ भी है। इस अवसर पर मां भारती के वीर सपूतों की बहादुरी को शत-शत नमन। भारतीय सेना पर पूरे देश को गर्व है।
मथुरा: जवानों के साथ ऊर्जा मंत्री
2 of 5
‘पैडल ऑफ ऑनर साइकिल अभियान’ स्वर्णिम विजय वर्ष और आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए तालबेहट और अलवर सैन्य स्टेशन के कर्मियों ने दो साइकिल अभियानों को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान 26 और 27 सितंबर को प्रारंभ हुआ था और सभी साइकिल सवार 350 किलोमीटर की दूरी साइकिल चलाकर 28 सितंबर को मथुरा पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
3 of 5
इससे पहले मंगलवार को साइकिलिंग अभियान को ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग’ ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मथुरा में स्ट्राइक वन लेफ्टीनेंट जनरल एमके कटियार (एवीएसएम) ने कहा ‘आजादी का अमृत महोत्सव’का एक अवतार है।

 
सेना के जवान
4 of 5
प्रगतिशील भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक, सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक पहचान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ भारत सरकार की एक पहल है जो प्रगतिशील भारत के 75 साल और इसके लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को मनाने और मनाने के लिए है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सेना के जवान
5 of 5
साइकिल सवार ने इस संदेश को फैलाया यह महोत्सव भारत के लोगों को समर्पित है। जिन्होंने न केवल भारत को उसकी विकास यात्रा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिसंबर 1971 में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी सेना पर एक निर्णायक और ऐतिहासिक विजय हासिल की, जिसके कारण एक राष्ट्र बांग्लादेश का निर्माण हुआ और इसके परिणामस्वरूप द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण भी हुआ। इसलिए राष्ट्र भारत-पाक युद्ध के 50 साल मना रहा है। जिसे स्वर्णिम विजय वर्ष भी कहा जाता है।

डॉ. योगिता गौतम हत्याकांड: बेटी की मौत के साथ टूट गए परिवार के सपने, एक साल बाद भी पेश नहीं की बालों की डीएनए रिपोर्ट
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00