UP Budget 2022-23: ताजनगरी के पर्यटन की झोली फिर खाली, बटेश्वर को मिले 10 करोड़ रुपये
योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट से आगरा के पर्यटन उद्यमी बेहद निराश हैं। होटल एसोसिएशन उपाध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि बजट में हमें नाइट बाजार, लाइट एंड साउंड शो, शिल्पग्राम पार्किंग, ओरिएंटेशन सेंटर की तरह म्यूजियम को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद थी।
विस्तार
योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में भी आगरा के पर्यटन की झोली खाली रही। पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में आगरा के लिए न कोई योजना न बजट का आवंटन किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 10 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
मुगल म्यूजियम का नाम बदलने वाली योगी सरकार ने छत्रपति शिवाजी म्यूजियम के लिए एक रुपया भी जारी नहीं किया, जबकि कोठी मीना बाजार के संग्रहालय, शिल्पग्राम पार्किंग, सिविल एन्क्लेव जैसी योजनाओं का नाम भी बजट में नहीं लिया गया। ताजमहल के पास से रामबाग के बीच रिवर फ्रंट गार्डन की जिस योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण किया, उसके लिए भी बजट में झोली खाली रही।
पर्यटन उद्यमी बेहद निराश
प्रदेश सरकार द्वारा बजट में आगरा की उपेक्षा किए जाने से पर्यटन उद्यमी बेहद निराश हैं। वहीं चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अटल के बटेश्वर में कई योजनाओं की घोषणा करने के लिए आए थे, जिसके लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। इनमें अटल म्यूजियम बनाने, सांस्कृतिक संकुल केंद्र के लिए बजट जारी किया गया है।
इतनी उपेक्षा कभी नहीं की गई
टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि 'हमने केंद्र के आठ बजट और यूपी सरकार के छह बजट देख लिए। आगरा के पर्यटन की इतनी उपेक्षा कभी नहीं की गई। कोई नई योजना न सही, पुराने के संचालन के लिए ही बजट देते। प्रधानमंत्री विदेशी दौरों पर आमंत्रण दे रहे हैं और पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोई बजट नहीं। गजब नीति है।'
आगरा के कारोबारी निराश
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि 'मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिया, लेकिन बजट में उसे कुछ दिया ही नहीं। इसका अर्थ है कि इस साल भी म्यूजियम का काम पूरा नहीं होगा। अजीब हाल है। प्रदेश सरकार धार्मिक नगरों पर ही बजट दे रही है। आगरा के कारोबारी निराश हैं।'
बेहद निराशाजनक रहा बजट
एचआरओए अध्यक्ष रमेश वाधवा ने कहा कि 'पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में आगरा की झोली खाली रही है। बजट में आगरा को छोड़कर कई शहरों को कुछ न कुछ मिला, पर आगरा इस सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। बेहद निराशाजनक बजट है।'
शहर के लिए कोई योजना नहीं
होटल एसोसिएशन उपाध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि 'बजट में हमें नाइट बाजार, लाइट एंड साउंड शो, शिल्पग्राम पार्किंग, ओरिएंटेशन सेंटर की तरह म्यूजियम को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद थी, पर निराशा हुई। ताजमहल के शहर के लिए केंद्र की तरह प्रदेश सरकार के बजट में कोई योजना नहीं है।'