फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Union Minister of State SP Singh Baghel no relief from the court in case of meeting without permission

बिना अनुमति सभा का मामला: केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को कोर्ट से राहत नहीं, 28 मई को आरोप होंगे तय

Thu, 12 May 2022 07:26 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 12 May 2022 07:26 PM IST
सार

मामला वर्ष 2016 का है। थाना एत्मादपुर में बिना अनुमति सभा करने और भड़काऊ भाषण देने के मामले में एसपी सिंह बघेल और अन्य के खिलाफ धारा 188 का मुकदमा दर्ज किया गया था। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई हुई। 

विज्ञापन
Union Minister of State SP Singh Baghel no relief from the court in case of meeting without permission
भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के थाना एत्मादपुर में बिना अनुमति सभा करने के मामले में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को स्पेशल मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) अर्जुन की कोर्ट से गुरुवार को राहत नहीं मिल सकी। कोर्ट ने केंद्रीय राज्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 28 मई की तिथि नियत की है। उनकी ओर से मुकदमे से उन्मोचित करने संबंधी प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।

विज्ञापन

यह है मामला

मामला वर्ष 2016 का है। एत्मादपुर में बिना अनुमति सभा करने और भड़काऊ भाषण देने के मामले में एसपी सिंह बघेल और अन्य के खिलाफ धारा 188 का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले के अनुसार, थाना एत्मादपुर में मुसलिम खां और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी सिंह बघेल ने पांच अप्रैल 2016 को ऐलान किया कि आठ अप्रैल 2016 को पंचायत की जाएगी। अगर, आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं तो 11 अप्रैल 2016 को धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

विज्ञापन


उन्होंने धरना प्रदर्शन किया, जबकि क्षेत्र में धारा 144 लागू थी। इसके लिए अनुमति नहीं ली। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आरोप है कि बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन कर भड़काऊ भाषण दिया गया। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष एत्मादपुर ने एसपी सिंह बघेल सहित अन्य के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में लगाई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बघेल की ओर से दिया गया यह हवाला

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता केके शर्मा ने प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर हवाला दिया कि जब धरना और प्रदर्शन किया गया था, तब धारा 144 लागू नहीं थी। उपजिलाधिकारी एत्मादपुर का धारा 144 लागू करने का आदेश 30 अप्रैल 2016 का है। इसलिए केंद्रीय मंत्री के खिलाफ अपराध नहीं बनता है। उन्हें केस से उन्मोचित किया जाए।


अभियोजन की ओर से विरोध करते हुए कहा गया कि केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने धारा 144 का सरेआम उल्लंघन किया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद उनकी ओर से उन्मोचित करने संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए आरोप तय करने के लिए 28 मई की तिथि नियत कर दी।

कोर्ट ने आदेश में यह कहा

कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की है कि वास्तव में आरोपी ने कोई अपराध किया अथवा नहीं, यह विचारण की वस्तु है। मगर, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि उक्त अपराध में आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया दृढ़ रूप से प्रकट होती है। अत: आरोपी की ओर से प्रस्तुत प्रार्थनापत्र में दिए गए आधारों का निराकरण, विचारण (ट्रायल) से पूर्व किया जाना संभव नहीं है। विचारण के बाद ही दोनों पक्षों की दलीलों का निराकरण संभव है। अत: उन्मोचित प्रार्थनापत्र खारिज किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed