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अधूरा काम, खतरा-ए-जान
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
Updated Mon, 26 Dec 2016 12:04 AM IST
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बिना अवरोधकों के इनर रिंग रोड पर लगाए कट
- फोटो : अमर उजाला
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ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) का निर्माण कार्य इनर रिंग रोड पर फर्राटे भरने वालों के लिए किसी भी दिन खतरे का सबब बन सकता है। बिना अवरोधक लगाए इनर रिंग रोड पर कट खोल दिए हैं। किसी तरह के संकेतक भी न होने से राहगीर भ्रमित हो रहे हैं सो अलग।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नवंबर में अधूरे ग्रीन फील्ड ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का शुभारंभ कर दिया था। इसके बाद 23 दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर इसे आम लोगों के लिए खोलने का दावा किया गया था। यह दावा भी हवाई निकला। स्थिति ये है कि आगरा के अलावा फीरोजाबाद और सिरसागंज में एक्सप्रेसवे का काफी कार्य अटका हुआ है। सिरसागंज में तो आरओबी ही नहीं बना है। इधर, इनर रिंग रोड को कनेक्ट करने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर दिनरात कार्य तो चल रहा है लेकिन राहगीरों की जिंदगी दांव पर लगाकर। दरअसल, आगरा की तरफ से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और लखनऊ की तरफ से नोएडा की तरफ जाने के लिए इसे इनर रिंग रोड पर जिस जगह जोड़ा जा रहा है वहां, कट लगा दिए गए हैं। निर्माण कार्य से जुड़े वाहन इन कटों के माध्यम से रांग साइड दौड़ते हैं। निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से ट्रक अचानक इनर रिंग रोड पर उतर आते हैं। ऐसे में आगरा की तरफ से नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों से कभी भी टकरा सकते हैं। इन कटों पर न तो संकेतक लगाए गए हैं और न ही कोई अवरोधक है।
बेवजह लगाना पड़ रहा चक्कर
नोएडा की ओर से लखनऊ जाने के लिए लोग कुबेरपुर पर एनएच दो पर उतरने की बजाय सीधे इनर रिंग रोड के माध्यम से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंच रहे हैं। दरअसल, आगरा विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे खत्म होने और इनर रिंग रोड के शुरू होने के बीच लखनऊ जाने के लिए जगह-जगह संकेतक अभी से लगा दिए हैं। राहगीर इन्हीं को देखते हुए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंच तो जाते हैं लेकिन यहां उन्हें रास्ता बंद मिलता है। ऐसे में उन्हें कुबेरपुर तक फिर से लौटना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नवंबर में अधूरे ग्रीन फील्ड ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का शुभारंभ कर दिया था। इसके बाद 23 दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा कर इसे आम लोगों के लिए खोलने का दावा किया गया था। यह दावा भी हवाई निकला। स्थिति ये है कि आगरा के अलावा फीरोजाबाद और सिरसागंज में एक्सप्रेसवे का काफी कार्य अटका हुआ है। सिरसागंज में तो आरओबी ही नहीं बना है। इधर, इनर रिंग रोड को कनेक्ट करने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर दिनरात कार्य तो चल रहा है लेकिन राहगीरों की जिंदगी दांव पर लगाकर। दरअसल, आगरा की तरफ से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और लखनऊ की तरफ से नोएडा की तरफ जाने के लिए इसे इनर रिंग रोड पर जिस जगह जोड़ा जा रहा है वहां, कट लगा दिए गए हैं। निर्माण कार्य से जुड़े वाहन इन कटों के माध्यम से रांग साइड दौड़ते हैं। निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से ट्रक अचानक इनर रिंग रोड पर उतर आते हैं। ऐसे में आगरा की तरफ से नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों से कभी भी टकरा सकते हैं। इन कटों पर न तो संकेतक लगाए गए हैं और न ही कोई अवरोधक है।
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बेवजह लगाना पड़ रहा चक्कर
नोएडा की ओर से लखनऊ जाने के लिए लोग कुबेरपुर पर एनएच दो पर उतरने की बजाय सीधे इनर रिंग रोड के माध्यम से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंच रहे हैं। दरअसल, आगरा विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे खत्म होने और इनर रिंग रोड के शुरू होने के बीच लखनऊ जाने के लिए जगह-जगह संकेतक अभी से लगा दिए हैं। राहगीर इन्हीं को देखते हुए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे तक पहुंच तो जाते हैं लेकिन यहां उन्हें रास्ता बंद मिलता है। ऐसे में उन्हें कुबेरपुर तक फिर से लौटना पड़ रहा है।
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