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Agra News: एक दूसरे की परछाई थे चाचा-भतीजे, साथ सजीं चिताएं

Mon, 28 Sep 2026 01:25 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:25 AM IST
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Uncle and nephew were inseparable; their funeral pyres were lit side by side.
बाह: चाचा-भतीजे की मौत: बिलखती पत्नी सुदामा एवं बेटियां हेमा, कृष्णा और नेकराम की बहन कमलेश
बाह। आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर बाह के छदामी मठ के पास शनिवार रात 9 बजे तेज रफ्तार वाहन ने मैनपुरी के दरवाह गांव (हाल निवासी बरुआ नगर बाह) के नाहर सिंह (60) एवं उनके भतीजे (मुंह बोला बेटा) नेकराम (55) को रौंद दिया था। दोनों की मौत हो गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों की बटेश्वर के मोक्षधाम में एक साथ चिताएं जलीं, तो विदाई देने वाले भी बोल उठे कि मौत भी उनको अलग नहीं कर सकी।
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मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के दरवाह गांव के नाहर सिंह पुत्र राजबहादुर अपने परिवार के साथ बाह के बरुआ नगर में रहकर 3 साल से मजदूरी कर रहे थे। उन्होंने अपने पीछे दो बेटे कृष्ण गोपाल और नीरज तथा दो बेटियां हेमा और कृष्णा को छोड़ा है। भतीजा (मुंह बोला बेटा) नेकराम नाहर सिंह के साथ साए की तरह रहता था। छदामी मठ पर बटाई पर खेत लेकर बाजरा की फसल बोई थी। दोनों मेहरा पर सोकर मवेशी से बाजरा की रखवाली करते थे। शनिवार रात दोनों खाना खाने के बाद फसल की रखवाली के लिए घर से पैदल निकले थे। मोहल्ले का ही सुभाष उनको बुला कर ले गया था। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से नाहर सिंह की मौके पर ही तथा नेकराम की एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में मौत हो गई। बाह पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजन के सुपुर्द कर दिए। परिवार मातम में डूबा है। बरुआ नगर में शोक का माहौल है।
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बारिश की वजह से रोका था, माैत खींच ले गई...
मृतक की पत्नी सुदामा ने बताया कि पति नाहर सिंह एवं भतीजा नेकराम एक दूसरे की परछाई थे। साथ खाते थे। साथ काम करते और सोते थे। सुदामा और उसकी बेटी हेमा ने बताया कि बरुआ नगर के सुभाष उनको खेत पर चलने के लिए बुला कर ले गये थे। बारिश की वजह से रोकने की कोशिश की, लेकिन मौत उनको खींच ले गई। चाचा-भतीजे को अस्पताल में लाया गया। सुभाष के न मिलने पर तलाश की गई। शनिवार रात 11 बजे वह मेहरा पर सोते हुए मिले। घायल अवस्था में सीएचसी बाह से उनको एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के लिए रेफर कर दिया। पुलिस पूछताछ के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा कैसे हुआ?
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माता-पिता के बाद भाई भी मौत ने छीना
- नेकराम की मौत के मातम में शामिल हुई बहन कमलेश सुधबुध खाे बैठी है। उसने बताया कि बचपन में पिता तिलक सिंह, मां सहदेवी का साया छिन गया था। उसे एवं भाई नेकराम को नाहर सिंह ने बेटा-बेटी की तरह पाला था। माता-पिता के बाद मौत ने भाई को छीन लिया है। अब वह किसकी कलाई पर राखी बांधेगी? किसको तिलक करेगी? सुधबुध खोई कमलेश को ढांढ़स बंधाते समय सुदामा और उसकी बेटियों हेमा, कृष्णा का गला रुंध जाता है। दोनों बोली कि घर पर कर्ज हो गया था, उसकी भरपाई के लिए बाह में रह कर मेहनत मजदूरी कर रहे थे। अब जिंदगी किसके सहारे कटेगी?


सड़क हादसे में दोनों मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया है। दुर्घटना की बाह पुलिस जांच कर रही है। परिजन की तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।- जितेंद्र कुमार, एसीपी बाह
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