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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
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मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में छह साल पहले युवक की धारदार हथियार से हत्या करने के दोषी को अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको जेल भेजा गया है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के खुशालपुर निवासी शिशुपाल यादव 31 अगस्त 2014 की रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। रंजिश के चलते गंाव के उपेंद्र उर्फ एमपी ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह मौके से भाग गया। शिशुपाल के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके उपेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
पुलिस ने उपेंद्र को पकड़कर जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने उपेंद्र केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उपेंद्र को शिशुपाल की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने उपेंद्र को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने उपेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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भाभी की गवाही पर हुई सजा
शिशुपाल की हत्या के समय शिशुपाल की भाभी सरोज देवी ने उपेंद्र उर्फ एमपी को हत्या करते देखा था। उसने पुलिस के साथ ही हत्या के संबंध में अदालत में भी गवाही दी। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया घटना की चश्मदीद गवाह सरोज देवी की गवाही पर ही उपेंद्र उर्फ एमपी को सजा सुनाई गई है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
उपेंद्र को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
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थाना कुर्रा क्षेत्र के खुशालपुर निवासी शिशुपाल यादव 31 अगस्त 2014 की रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। रंजिश के चलते गंाव के उपेंद्र उर्फ एमपी ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह मौके से भाग गया। शिशुपाल के चचेरे भाई इंद्रपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके उपेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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पुलिस ने उपेंद्र को पकड़कर जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने उपेंद्र केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उपेंद्र को शिशुपाल की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने उपेंद्र को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने उपेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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भाभी की गवाही पर हुई सजा
शिशुपाल की हत्या के समय शिशुपाल की भाभी सरोज देवी ने उपेंद्र उर्फ एमपी को हत्या करते देखा था। उसने पुलिस के साथ ही हत्या के संबंध में अदालत में भी गवाही दी। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया घटना की चश्मदीद गवाह सरोज देवी की गवाही पर ही उपेंद्र उर्फ एमपी को सजा सुनाई गई है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
उपेंद्र को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।