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कासगंज: डेंगू से एक युवती और बुजुर्ग की मौत से गांव में दहशत, अब तक 115 मरीजों की गई जान
Tue, 26 Oct 2021 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 26 Oct 2021 12:04 AM IST
सार
ग्राम सलेमपुर बीबी के ही चार गंभीर मरीज करा रहे इलाज, अब तक 115 मौतें, स्वास्थ्य विभाग का रोग नियंत्रण अभियान फेल
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कासगंज के गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कासगंज जिला में डेंगू व जानलेवा बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। लगातार मौतों से सलेमपुर बीबी के हालात भयावह बने हुए हैं। सोमवार को ग्राम पंचायत निवासी एक युवती सहित वृद्ध की डेंगू से मौत हो गई। इससे जिले में डेंगू व बुखार के प्रकोप से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 115 पर पहुंच गया है।
ग्राम सलेमपुर बीबी निवासी अंकिता (25) पुत्री अजय को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसे निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे आगरा ले गए। यहां भी उसकी हालत नहीं सुधरी तो परिजन उसे जयपुर ले गए। जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसी गांव में अब तक 12 लोगों की डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। जबकि इस गांव के दिनेश के पुत्र मोहित, रोहित व पुत्री कुमकुम, खचेर का पुत्र प्रमोद, विनोद का पुत्र राहलु डेंगू की चपेट में हैं। सभी ग्रामीण निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
ग्राम कुरामई निवासी सुरजन सिंह (60) पुत्र रेवती को पांच दिन पहले बुखार आया। परिजन उनको एटा के मिरहची में निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने उनको डेंगू बताया। काफी इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधरे। सुबह के समय उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जिले में लगातार डेंगू बुखार से हो रही मौतों पर शासन-प्रशासन खामोश हैं।
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तीन डेंगू मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 14 ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए गए। शिविर में 155 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। इन मरीजों की डेंगू की जांच की गई। जिसमें 3 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई। इन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अब तक जिला में 186 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
हिरासत में मौत का मामला: जांच के लिए आगरा पहुंची कासगंज पुलिस की टीम, कब्जे में लिए दस्तावेज
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ग्राम सलेमपुर बीबी निवासी अंकिता (25) पुत्री अजय को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसे निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे आगरा ले गए। यहां भी उसकी हालत नहीं सुधरी तो परिजन उसे जयपुर ले गए। जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसी गांव में अब तक 12 लोगों की डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। जबकि इस गांव के दिनेश के पुत्र मोहित, रोहित व पुत्री कुमकुम, खचेर का पुत्र प्रमोद, विनोद का पुत्र राहलु डेंगू की चपेट में हैं। सभी ग्रामीण निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं।
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ग्राम कुरामई निवासी सुरजन सिंह (60) पुत्र रेवती को पांच दिन पहले बुखार आया। परिजन उनको एटा के मिरहची में निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने उनको डेंगू बताया। काफी इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधरे। सुबह के समय उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जिले में लगातार डेंगू बुखार से हो रही मौतों पर शासन-प्रशासन खामोश हैं।
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तीन डेंगू मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 14 ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए गए। शिविर में 155 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। इन मरीजों की डेंगू की जांच की गई। जिसमें 3 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई। इन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अब तक जिला में 186 डेंगू मरीज मिल चुके हैं।
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