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UP: ट्रैक्टर ने सैन्यकर्मी के इकलौते बेटे को कुचला, लाश देख बेसुध हुई मां; चालक के पास नहीं था लाइसेंस

Fri, 10 May 2024 08:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 10 May 2024 08:59 AM IST
सार

बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सैन्यकर्मी के इकलौते बेटे को कुचल दिया। खबर मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। स्कूल जाते समय हादसा हुआ। वहीं मासूम बेटे की लाश देख मां बेसुध हो गई। 
 

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Tractor crushed son of a military personnel mother became unconscious driver did not have a license
प्रत्युष गौतम की फाइल फोटो, हादसा करने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली - फोटो : संवाद

विस्तार

आगरा के थाना सदर के मधु नगर में छात्र की जान लेने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅली का चालक पुलिस को अपना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिखा सका। उस पर गैर इरादतन हत्या लगाकर जेल भेज दिया गया। वहीं इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। बृहस्पतिवार को बेटे की लाश देखकर मां बेसुध हो गईं। उन्हें परिवार के लोगों ने संभाला।
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मूलरूप से सादाबाद निवासी शैलेंद्र सेना में नायक के पद पर जैसलमेर में तैनात हैं। पत्नी वंदना की हाल ही में बिहार में शिक्षिका के पद पर नौकरी लगी थी। उनका 13 साल का बेटा प्रत्युष केंद्रीय विद्यालय-2 में पढ़ रहा था। बुधवार सुबह वह योगा क्लास लेने के लिए साइकिल से जा रहा था।
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ग्वालियर हाईवे पर उसे बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली ने रौंद दिया था। पुलिस ने चालक रवि को गिरफ्तार किया। एसीपी सदर पियूष कांत राय ने बताया कि मुकदमा लापरवाही से वाहन चलाने से मृत्यु की धारा में दर्ज हुआ था। चालक के ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिखाने पर गैर इरादतन हत्या की धारा लगा दी गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया। वह बालू कहां से लेकर आ रहा था, इसकी जांच की जा रही है। यह भी पता किया जाएगा कि ट्रैक्टर का पंजीकरण कृषि कार्य के लिए था या फिर व्यावसायिक था।

 

बुझ गया घर का चिराग
परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले गए थे। घटना की जानकारी पर शैलेंद्र बुधवार रात 12 बजे घर पहुंचे थे। वहीं बृहस्पतिवार सुबह वंदना आईं। बच्चे के मामा अमित गौतम ने बताया कि बहन को भांजे की मौत की जानकारी नहीं दी थी। जब उन्हें घर ले गए तो बेटे की लाश देखकर वो बेसुध हो गईं। परिवार के लोगों ने किसी तरह संभाला। प्रत्युष इकलौता था। हादसे ने परिवार का चिराग बुझा दिया।

 
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