ताजमहल : रमजान के चलते पर्यटक नहीं कर सकेंगे रात्रि दर्शन, चांदनी रात में दिखता है अद्भुत नजारा
चांदनी रात में ताजमहल की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। ताज की पच्चीकारी में जड़े कीमती रंगीन पत्थरों पर जब चंद्रमा की रोशनी खास कोण पर पड़ती है तो वो चमकने लगते हैं। इस नजारे को इस बार पर्यटक नहीं देख पाएंगे।
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चांदनी रात में ताजमहल के दीदार की हसरत पालने वाले सैलानियों को रमजान में मायूस होना पड़ेगा। पूर्णिमा पर पांच दिनों के लिए रात में ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। केवल तरावीह पढ़ने के लिए तीन घंटे ताजमहल खोला जाएगा। रात में अकीदतमंदों को पूर्वी गेट से स्मारक में प्रवेश दिया जा रहा है। हालांकि यमुना पार महताब बाग स्थित ताज व्यू प्वांइट से पर्यटक ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।
चांदनी रात में ताजमहल की सुंदरता चार चांद लग जाते हैं। ताज की पच्चीकारी में जड़े कीमती रंगीन पत्थरों पर जब चंद्रमा की रोशनी खास कोण पर पड़ती है तो वो चमकने लगते हैं। ताज के मुख्य गुंबद वाले संगमरमरी प्लेटफार्म से ही यह पत्थर चमकते हुए नजर आते हैं। इसे देखने के लिए पर्यटकों में क्रेज रहता है। रमजान माह में ताज के इस अद्भुत नजारे को पर्यटक नहीं देख पाएंगे।
16 अप्रैल को है पूर्णिमा
अप्रैल में पूर्णिमा 16 तारीख को है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पूर्णिमा के अवसर पर महीने में पांच दिन ताज रात्रि दर्शन होता है। पूर्णिमा से दो दिन पूर्व इसकी शुरुआत होती है और पूर्णिमा के दो दिन बाद तक ताज रात्रि दर्शन होता है। लेकिन रमजान के चलते इस बार रात में ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद रहेगा।
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि रमजान में ताज रात्रि दर्शन नहीं होता है। अगले माह मई में रात्रि दर्शन होगा। उन्होंने बताया कि तरावीह में ताजमहल जाने वाले अकीकतमंदों की पहले रजिस्टर में एंट्री होती है। इसके बाद पूर्वी गेट से स्मारक में प्रवेश दिया जाता है।
एक दिन पूर्व बुक कराना होता है टिकट
सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2004 के आदेश के अनुसार एक दिन में आधा-आधा घंटे के आठ स्लाट में ताज रात्रि दर्शन कराया जाता है। एक स्लॉट में अधिकतम 50 पर्यटकों के बैच को प्रवेश मिलता है। पूर्णिमा पर पांच दिनों तक रात 8:30 से 12:30 बजे तक होने वाले रात्रि दर्शन के लिए एक दिन पूर्व एएसआई के माल रोड स्थित ऑफिस से टिकट बुक कराना होता है।