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टोरंट ने 11 साल में नहीं चुकाया 1200 करोड़ का बकाया

Sun, 18 Jul 2021 02:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 02:03 AM IST
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Torrent did not pay dues of Rs 1200 crore in 11 years
आगरा। ताजनगरी में बिजली वितरण की कमान संभाल रही निजी कंपनी टोरंट पॉवर पर एग्रीमेंट उल्लंघन पर शनिवार को विधान परिषद की विद्युत व्यवस्था जांच समिति ने स्पष्टीकरण मांगा है। 2010 में हुए एंग्रीमेंट के मुताबिक टोरंट को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमम (डीवीवीएनएल) का उपभोक्ताओं पर बकाया 1200 करोड़ रुपया चुकाना है, जिसे टोरंट ने 11 साल बाद भी नहीं चुकाया है। समिति ने टोरंट पॉवर को नोटिस जारी करने और शर्तों के उल्लंघन पर 15 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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विधान परिषद की पांच सदस्यीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति शनिवार दोपहर 12 बजे सर्किट हाउस पहुंची। जहां डीवीवीएनएल व टोरंट अधिकारियों से विद्युत व्यवस्था की खामियों पर चर्चा की गई। सभापति अरुण पाठक ने टोरंट पॉवर महाप्रबंधक निशिकांत गुप्ता से भूमिगत केबल खोदाई में मानक का पालन नहीं होने, सिटीजन चार्टर नहीं बनाने, नए कनेक्शन में लापरवाही, अधिक बिलिंग, बिजली चोरी नहीं रुकने और उपभोक्ता हितों का ध्यान नहीं रखने जवाब तलब किया। टोरंट अधिकारी जवाब नहीं दे सके। सभापति ने पूछा कि जिस उद्देश्य से टोरंट को फ्रैंचाइंजी दी गई थी उसमें 1200 करोड़ रुपये का बकाया चुकाना था। जिसे कंपनी ने 11 साल बाद भी क्यों नहीं चुकाया। इस संबंध में डीवीवीएनएल एमडी अमित किशोर को टोरंट से स्पष्टीकरण लेने और 15 दिन में जांच आख्या लखनऊ भेजने के निर्देश दिए हैं। मुआवजा के सभी लंबित प्रकरणों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए हैं। समिति में सदस्य डॉ. संजय लाठर, जसवंत सिंह, उमेश द्विवेदी, डॉ. मानवेंद्र सिंह, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।
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टोरंट पॉवर द्वारा शहरभर में भूमिगत केबल बिछाने के लिए की गई खोदाई में मानक तार-तार होने की शिकायत पर समिति ने नाराजगी जाहिर की। सभापित ने कहा, टोरंट ने कहीं चार फुट, तो कहीं छह फुट खोदाई की। नगर निगम के मानक अनुरूप कार्य नहीं किया। ऐसे में नगर निगम को भूमिगत केबल खोदाई कार्यों की जांच करानी चाहिए
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डीवीवीएनएल के एमडी अमित किशोर ने बताया कि टोरंट की निगरानी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। नोडल अधिकारी को निरीक्षण के आदेश दिए हैं। टोरंट के कार्यों का ब्योरा मांगा है। एग्रीमेंट को लेकर लखनऊ में अगली बैठक में जवाब दाखिल किया जाएगा।
विद्युत व्यवस्था जांच समिति सभापति अरुण पाठक ने डीवीवीएनएल अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने एमडी अमित किशोर से पूछा कि 5.47 लाख उपभोक्ताओं में से 2.64 लाख को बिल संशोधन कराने पड़े। ऐसा क्यों हो रहा है। क्या बिलिंग कंपनियां गड़बड़ कर रही हैं। इतनी अधिक संख्या में बिलों में संशोधन से स्थिति संदेहास्पद है। सभापित ने एमडी अमित किशोर को फिरोजाबाद व आगरा में उपभोक्ता बिलिंग की जांच कराने और दोषी कंपनी को काली सूची में डालने के आदेश दिए हैं।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी डीवीवीएनएल अधिकारियों को समिति ने आड़े हाथों लिया। एमडी से कहा, डीवीवीएनएल के ट्रांसफार्मर आए दिन फुंक रहे हैं। करोड़ों रुपया बर्बाद हो रहा है। जबकि टोरंट पॉवर के ट्रांसफार्मर नहीं फुंक रहे। ऐसे में डीवीवीएनएल क्या कर रहा है।
आगरा। बिजली व्यवस्था की जांच के लिए आई समिति शनिवार को सर्किट हाउस में तीन घंटे तक पसीने में नहाई। पहले बिजली फॉल्ट का हल्ला उड़ा। इलैक्ट्रीशियन से जांच कराई तो चारों एसी खराब निकले। 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक भीषण उमस व गर्मी में लथपथ होकर विधान परिषद समिति ने बैठक की।
सभापति अरुण पाठक ने इस मामले में एक तरफ टोरंट व डीवीवीएनएल अधिकारियों को फुटकार लगाई। दूसरी तरफ सर्किट हाउस के केयर टेकर व प्रोटोकॉल में लापरवाही की शिकायत लखनऊ की गई है। सभापति ने कहा, जब समिति की बैठक में बिजली व्यवस्था खराब है तो जनसामान्य की क्या सुनवाई होती होगी। इसके अलावा समिति के सदस्य अरविंद यादव को शुक्रवार शाम आगरा आगमन पर सर्किट हाउस में कमरा नहीं मिला। सदस्य को रात 12 बजे होटल में कमरा लेकर रहना पड़ा। सुबह समिति ने इस लापरवाही को सदस्यों की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा, अगर सदस्य को कुछ हो जाता तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होता। इस मामले में समिति ने एडीएम प्रोटोकॉल व एसपी प्रोटोकॉल से जवाब मांगा है।

समिति द्वारा बैठक में 24 बिंदुओं पर जवाब मांगा था। जिसका हमारे द्वारा जवाब दे दिया गया। कुछ बिंदुओं पर और चर्चा की गई है। उनका जवाब अगली बैठक में देने को कहा है। समय रहते सभी बिंदुओं पर जवाब दे दिया जाएगा। - शैलेश देसाई, उपाध्यक्ष, टोरंट पॉवर
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