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Agra News: बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने के लिए स्कूलों में पीयर लर्निंग पर दिया जाए जोर
Wed, 03 Jan 2024 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:25 PM IST
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मैनपुरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी बनाने के लिए स्कूल में बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत स्कूलों में स्कूलों में उपयुक्त संसाधन उपलबध कराने के साथ पीयर लर्निंग (सहपाठियों से सीखने सिखाने की प्रक्रिया) पर जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए दीपिका गुप्ता ने इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को एक पत्र जारी किया है।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सीखने की प्रगति पर जोर दिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्वानों ने माना है कि बच्चे आपस में चर्चा के द्वारा बहुत कुछ तेजी से सीखते हुए। इसी उद्देश्य के तहत स्कूलों में शिक्षकों को पीयर लर्निंग के संचालन के माध्यम से गतिविधियां कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा तय किए गए समावेशी और बहुलतावादी समाज के निर्माण में छात्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण कर सकें यह जरूरी है। इसी उद्देश्य के तहत शासन ने पीयर लर्निंग पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य बच्चों को सिखाने को सीखने के लिए बुनियादी ढांचे और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ संस्थानों के बीच परस्पर सहज जुड़ाव एवं समन्वय बनाना है। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थाओं में पीयर लर्निंग पर जोर दिया जाए।
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पीयर लर्निंग का उद्देश्य
- बच्चों में रचनात्मक चिंतन और जिज्ञासा का विकास करना
- बच्चों को स्वतंत्र निर्णय लेने एवं 21वीं शताब्दी की चुनौतियों के लिए तैयार करना
- स्वतंत्र जिज्ञासा के साथ समस्याओं की पहचान करना
-बच्चों में लचीलापन, सहानुभूति, समाधानमूलक नेतृत्व क्षमता का विकास करना
- बच्चों में परीक्षण, त्रुटि और अन्वेषण जैसे गुणों को बढ़ावा देना
पीयर लर्निंग पारस्परिक सीखने की गतिविधि है। इसमें प्रतिभागियों के बीच ज्ञान, विचारों और अनुभव को साझा करना सम्मिलित है। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीयर लर्निंग का स्कूलों में संचालन कराएं। - दीपिका गुप्ता, बीएसए
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नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सीखने की प्रगति पर जोर दिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्वानों ने माना है कि बच्चे आपस में चर्चा के द्वारा बहुत कुछ तेजी से सीखते हुए। इसी उद्देश्य के तहत स्कूलों में शिक्षकों को पीयर लर्निंग के संचालन के माध्यम से गतिविधियां कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीएसए ने कहा कि भारतीय संविधान द्वारा तय किए गए समावेशी और बहुलतावादी समाज के निर्माण में छात्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण कर सकें यह जरूरी है। इसी उद्देश्य के तहत शासन ने पीयर लर्निंग पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य बच्चों को सिखाने को सीखने के लिए बुनियादी ढांचे और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ संस्थानों के बीच परस्पर सहज जुड़ाव एवं समन्वय बनाना है। उन्होंने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थाओं में पीयर लर्निंग पर जोर दिया जाए।
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पीयर लर्निंग का उद्देश्य
- बच्चों में रचनात्मक चिंतन और जिज्ञासा का विकास करना
- बच्चों को स्वतंत्र निर्णय लेने एवं 21वीं शताब्दी की चुनौतियों के लिए तैयार करना
- स्वतंत्र जिज्ञासा के साथ समस्याओं की पहचान करना
-बच्चों में लचीलापन, सहानुभूति, समाधानमूलक नेतृत्व क्षमता का विकास करना
- बच्चों में परीक्षण, त्रुटि और अन्वेषण जैसे गुणों को बढ़ावा देना
पीयर लर्निंग पारस्परिक सीखने की गतिविधि है। इसमें प्रतिभागियों के बीच ज्ञान, विचारों और अनुभव को साझा करना सम्मिलित है। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीयर लर्निंग का स्कूलों में संचालन कराएं। - दीपिका गुप्ता, बीएसए