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UP: मैं रोज की बेइज्जती से परेशान हूं...एसबीआई क्लर्क ने लिखा रुला देने वाला पत्र, फिर नहीं लौटे घर

Thu, 21 Aug 2025 07:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 21 Aug 2025 07:44 AM IST
सार

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की छीपीटोला स्थित हाउसिंग लोन शाखा के वरिष्ठ क्लर्क के पत्र ने सनसनी मचा दी है। इस पत्र में उन्होंने वो पीड़ा बयां की है, जो वे झेल रहे हैं। 

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tired of daily insults SBI clerk wrote a tearful letter then went missing
SBI clerk - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 यह पत्र मैं काफी भारी मन से और पूरी तरह से सोच समझकर लिख रहा हूं। अब मैं और अपशब्द, गाली-गलाैज नहीं सुन सकता। रोज की बेइज्जती से बहुत परेशान आ चुका हूं...। पत्र में यह लिखकर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की छीपीटोला स्थित हाउसिंग लोन शाखा के वरिष्ठ क्लर्क सुरेंद्र पाल सिंह (40) लापता हो गए हैं।
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दो दिन बाद भी उनका पता नहीं चला है। परिजन का आरोप है कि तीन थानों की पुलिस ने तहरीर नहीं ली। उन्होंने एक्स पर भी पोस्ट किया है। वो अब उनके साथ अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। सुरेंद्र पाल सिंह गांव सैमरी, देवरी रोड निवासी हैं। उनके छोटे भाई मनोज पाल सिंह भी गुजरात में बैंक में तैनात हैं।
 
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उन्होंने बताया कि भाई का 3 महीने पहले मुख्य शाखा से स्थानांतरण लोन शाखा (आरएसीपीसी) में किया गया है। सुरेंद्र पाल की रीढ़ की हड्डी में समस्या होने के कारण कमर पर बेल्ट पहनकर ऑफिस जाते थे। अपने साथ दवा भी लेकर जाते थे।
मनोज पाल ने आरोप लगाया कि बड़े भाई को बैंक के एक अधिकारी परेशान करते थे। बेल्ट लगाकर आने को बहाना बताते थे। दवा खाने पर भी टोकते थे। उन्हें भाई की बीमारी ड्रामा लगती थी। कहते थे कि सहानुभूति के लिए बेल्ट पहनकर आते हो। दवा खाने के बहाने काम से बचने का आरोप लगाते थे। लोगों के सामने बेइज्जत करते थे।
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इससे भाई परेशान हो गए थे। 18 अगस्त को वह बैंक आए थे। तभी उनके साथ फिर से अभद्रता की। इस पर सुरेंद्र पाल सुबह 11:50 बजे बैंक से निकल गए। शाम तकरीबन 5:30 बजे भांजे सचिन को फोन किया। उन्हें देवरी रोड बुलाकर बाइक दे दी। लिफाफे में पत्र थमा दिए। इसके बाद दवा लेने जाने की कहकर चले गए। तब से घर लाैटकर नहीं आए। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
 

तीन थानों में लगाए चक्कर, नहीं लिखी गुमशुदगी
भाई मनोज पाल ने बताया कि उन्होंने भाई का दिया लिफाफा खोला तो दो पेज का नोट मिला। जिसमें बैंक अधिकारी के परेशान करने की बात लिखी थी। उनके साथ अनहोनी की आशंका पर थाना ताजगंज में शिकायत करने गए। इस पर एक दरोगा ने जांच की। उन्होंने बताया कि बैंक थाना रकाबगंज क्षेत्र में आती है। इसलिए वहां जाएं। वह थाना रकाबगंज गए। मगर, पुलिस ने मधु नगर से लापता होना बताया। इस पर सदर भी गए। बाद में सदर पुलिस ने थाना रकाबगंज भेज दिया। तब थाना प्रभारी ने गुमशुदगी में किसी के परेशान करने से जाने की बात हटाकर तहरीर देने के लिए बोल दिया। मगर वो लिखे गए नोट के आधार पर नाम लिखकर दे रहे हैं। पुलिस कार्रवाई न होने पर वो परेशान हैं।

 

जांच कर की जाएगी कार्रवाई
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जो भी आरोप लगाए जाएंगे, उनके संबंध में साक्ष्य संकलन किया जाएगा। लापता कर्मचारी की तलाश में टीम को लगाया जाएगा।
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