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भारत बंद की आशंका पर ताजनगरी में कड़ी सुरक्षा, बाजारों में पुलिस फोर्स तैनात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:38 AM IST
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बाजार में तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
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दलित संगठनों ने दिल्ली में नौ अगस्त के भारत बंद का एलान किया है। इस पर आगरा पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। गुरुवार सुबह से ही बाजारों में पुलिस तैनात कर दी गई है।
दो अप्रैल को जिन-जिन क्षेत्रों में हिंसा हुई थी, वहां अतिरिक्त चौकसी बरती जाएगी। हालांकि ,खुफिया एजेंसियों ने ऐसा कोई इनपुट नहीं दिया है कि आगरा में दलित संगठन बाजार बंद कराने का प्रयास करेंगे, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस कोई जोखिम उठाना नहीं
चाहती है।
यही वजह है कि एसएसपी अमित पाठक ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों की मीटिंग लेकर सभी को अलर्ट किया। यह संदेश थाना पुलिस तक दिया गया। इसके बाद पूरा प्लान तैयार कर लिया गया। पीएसी को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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दो अप्रैल को जिन-जिन क्षेत्रों में हिंसा हुई थी, वहां अतिरिक्त चौकसी बरती जाएगी। हालांकि ,खुफिया एजेंसियों ने ऐसा कोई इनपुट नहीं दिया है कि आगरा में दलित संगठन बाजार बंद कराने का प्रयास करेंगे, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस कोई जोखिम उठाना नहीं
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चाहती है।
यही वजह है कि एसएसपी अमित पाठक ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों की मीटिंग लेकर सभी को अलर्ट किया। यह संदेश थाना पुलिस तक दिया गया। इसके बाद पूरा प्लान तैयार कर लिया गया। पीएसी को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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एसएसपी ने कहा कि बंद को लेकर कोई इनपुट नहीं मिला है लेकिन एहतियातन पूरी तरह से चौकसी बरती जा रही है। सभी अधिकारियों से कहा गया है कि वे गश्त पर रहें।
बंद के आह्वान की वजह केंद्र सरकार द्वारा एससी एसटी एक्ट में किया गया बदलाव बताई जा रही है। कई दलित संगठन इससे संतुष्ट नहीं बताए गए हैं। हालांकि आगरा में किसी ने खुलकर अपनी बात नहीं रखी है।
दो अप्रैल को हुई थी भारी हिंसा
दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया था। आगरा भी बंद रहा था। यहां भारी हिंसा हुई थी। बस फूंक दी गई थी, पुलिस पर पथराव किया गया था, बुंदू कटरा चौकी आग के हवाले कर दी गई थी, होटलों में तोड़फोड़ की गई थी। उस हिंसा को लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं । पांच हजार से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे।
बंद के आह्वान की वजह केंद्र सरकार द्वारा एससी एसटी एक्ट में किया गया बदलाव बताई जा रही है। कई दलित संगठन इससे संतुष्ट नहीं बताए गए हैं। हालांकि आगरा में किसी ने खुलकर अपनी बात नहीं रखी है।
दो अप्रैल को हुई थी भारी हिंसा
दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया था। आगरा भी बंद रहा था। यहां भारी हिंसा हुई थी। बस फूंक दी गई थी, पुलिस पर पथराव किया गया था, बुंदू कटरा चौकी आग के हवाले कर दी गई थी, होटलों में तोड़फोड़ की गई थी। उस हिंसा को लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं । पांच हजार से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे।
30 सितंबर तक धारा 144 लागू
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) निधि श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आगामी माहों में होने वाले विभिन्न धार्मिक पर्व कैलाश मेला, स्वतंत्रता दिवस, ईद, (बकरीद), रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और यूपी लोक सेवा आयोग तथा क्षेत्रीय निदेशक, कर्मचारी चयन आयोग इलाहाबाद, अधीनस्थ चयन बोर्ड लखनऊ आदि की परीक्षाओं के मद्दनेजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। धारा 144 सात अगस्त से 30 सितंबर तक लागू रहेगी।