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विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा भी टलने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 25 Feb 2016 01:25 AM IST
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एमबीबीएस परीक्षा स्थगित होने के बाद अब डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा भी टलने के आसार बन रहे हैं। परीक्षाएं एक मार्च से होनी हैं, लेकिनतैयारी बहुत कम है। पांच दिन शेष हैं, जबकि परीक्षा सहायक की नियुक्ति तक नहीं हो पाई है। न ही नोडल सेंटर बन पाए हैं।
परीक्षा सहायक से ही परीक्षा संबंधी जानकारी रिजल्ट बनाने वाली एजेंसी तक जाती है। प्रवेश पत्र भी एजेंसी ही बनाती है। एजेंसी संचालक का कहना है कि बगैर डिटेल के प्रवेश पत्र कैसे तैयार किए जा सकते हैं। अगर ऐन वक्त पर जानकारी मिलती है, तो इतने कम समय में काम पूरा नहीं हो पाएगा।
परीक्षा सेंटर तय करने के लिए कमेटी का गठन भी अभी तक नहीं किया गया है। जाहिर है। अगर आज से विवि प्रशासन अपनी पूरी ताकत लगाकर तेजी से काम कराए तो भी पांच दिनों में तैयारी पूरी हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सतेंद्र सिंह की हत्या के बाद उनकी जगह कोई भी कर्मचारी परीक्षा सहायक का चार्ज लेने के लिए तैयार नहीं है।
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यूनिवर्सिटी के फीस के फर्जीवाड़े की पुलिस जांच कर रही है। इसके चलते भी कई कर्मचारी टेंशन में बताए जा रहे हैं।
शायद इन्हें पुलिस की जांच का सामना करने का डर है। जो भी चार्ज लेगा, उसे सवालों के जवाब देने होंगे। इसी के चलते तैयारी नहीं हो पा रही। अभी तक की स्थिति यह है कि 650 कॉलेजों के सात लाख छात्रों में से सत्यापन भी सिर्फ 3.50 लाख का हो पाया है। 6,45,000 कुल परीक्षा फार्म भरे गए हैं। लगभग 50,000 शेष हैं। जिन 14 कॉलेजों को फीस जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से भी अभी तक सिर्फ दो ने ही जमा कराई है।
घोषित तिथि से परीक्षा कराने का पूरा प्रयास रहेगा। संबंधित पटलों पर तैयारियां जोरों पर हैं। - प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ( कुलपति )
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परीक्षा सहायक से ही परीक्षा संबंधी जानकारी रिजल्ट बनाने वाली एजेंसी तक जाती है। प्रवेश पत्र भी एजेंसी ही बनाती है। एजेंसी संचालक का कहना है कि बगैर डिटेल के प्रवेश पत्र कैसे तैयार किए जा सकते हैं। अगर ऐन वक्त पर जानकारी मिलती है, तो इतने कम समय में काम पूरा नहीं हो पाएगा।
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परीक्षा सेंटर तय करने के लिए कमेटी का गठन भी अभी तक नहीं किया गया है। जाहिर है। अगर आज से विवि प्रशासन अपनी पूरी ताकत लगाकर तेजी से काम कराए तो भी पांच दिनों में तैयारी पूरी हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सतेंद्र सिंह की हत्या के बाद उनकी जगह कोई भी कर्मचारी परीक्षा सहायक का चार्ज लेने के लिए तैयार नहीं है।
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यूनिवर्सिटी के फीस के फर्जीवाड़े की पुलिस जांच कर रही है। इसके चलते भी कई कर्मचारी टेंशन में बताए जा रहे हैं।
शायद इन्हें पुलिस की जांच का सामना करने का डर है। जो भी चार्ज लेगा, उसे सवालों के जवाब देने होंगे। इसी के चलते तैयारी नहीं हो पा रही। अभी तक की स्थिति यह है कि 650 कॉलेजों के सात लाख छात्रों में से सत्यापन भी सिर्फ 3.50 लाख का हो पाया है। 6,45,000 कुल परीक्षा फार्म भरे गए हैं। लगभग 50,000 शेष हैं। जिन 14 कॉलेजों को फीस जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से भी अभी तक सिर्फ दो ने ही जमा कराई है।
घोषित तिथि से परीक्षा कराने का पूरा प्रयास रहेगा। संबंधित पटलों पर तैयारियां जोरों पर हैं। - प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ( कुलपति )