{"_id":"5b1a1ba94f1c1b254d8b54a0","slug":"the-story-of-the-thugs-of-hindustan-film-is-based-on-kasaganj-thugs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' के इस सच को जानकर यूपी वाले खुद पर करेंगे फख्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' के इस सच को जानकर यूपी वाले खुद पर करेंगे फख्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 09 Jun 2018 09:25 AM IST
विज्ञापन
Film Thugs Of Hindustan
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बार फिर कासगंज का नाम सुर्खियों में है। इस बार वजह वॉलीवुड से जुड़ी है, दरअसल आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ कासगंज कनेक्शन सामने आया है।
19वीं शताब्दी के ब्रिटिश उपन्यासकार फ्लिप में डोज टेलर के उपन्यास ‘द कन्फेशन ऑफ ठग’ पर आधारित यह फिल्म कासगंज के ठगों की कहानी पर पर बनाई गई है।
ब्रिटिश शासन में किस तरह से इलाके के सक्रिय ठग ब्रिटिश अधिकारियों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसी पर 1839 में ब्रिटिश लेखक फ्लिप मेडोज टेलर ने ‘द कन्फेशन ऑफ ठग’ नाम के उपन्यास में लिखा था।
विज्ञापन
19वीं शताब्दी के ब्रिटिश उपन्यासकार फ्लिप में डोज टेलर के उपन्यास ‘द कन्फेशन ऑफ ठग’ पर आधारित यह फिल्म कासगंज के ठगों की कहानी पर पर बनाई गई है।
ब्रिटिश शासन में किस तरह से इलाके के सक्रिय ठग ब्रिटिश अधिकारियों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसी पर 1839 में ब्रिटिश लेखक फ्लिप मेडोज टेलर ने ‘द कन्फेशन ऑफ ठग’ नाम के उपन्यास में लिखा था।
विज्ञापन
Film Thugs Of Hindustan
- फोटो : अमर उजाला
इस उपन्यास के तीसरे संस्करण में कासगंज के ठगों के बारे में लिखा गया है। फ्लिप मेडोज टेलर के अलावा अन्य विदेशी लेखकों में विलियम हेनरी स्लीमन, फैनी पाथ्स, किम ए वैगनर सहित लेखकों के नाम आते हैं।
जिन्होंने इस इलाके के देशभक्त ठगों के बारे में लिखा है। यह ठग ब्रिटिश शासकों का विरोध करते हुए अपनी देश भक्ति का परिचय देते हुए उन्हें शिकार बनाते थे।
ठग नशीले पदार्थ का इस्तेमाल करके ब्रिटिश अधिकारियों लूटते और कई बार उनकी हत्या भी कर देते थे। उपन्यासकार टेलर की स्टोरी में इन ठगों के बारे में विस्तार से लिखा है।
जिन्होंने इस इलाके के देशभक्त ठगों के बारे में लिखा है। यह ठग ब्रिटिश शासकों का विरोध करते हुए अपनी देश भक्ति का परिचय देते हुए उन्हें शिकार बनाते थे।
ठग नशीले पदार्थ का इस्तेमाल करके ब्रिटिश अधिकारियों लूटते और कई बार उनकी हत्या भी कर देते थे। उपन्यासकार टेलर की स्टोरी में इन ठगों के बारे में विस्तार से लिखा है।
कालाजार का मैदान है गवाह, यहां आते हैं विदेशी
आमिर खान
- फोटो : amar ujala
कालाजार का मैदान इस बात का गवाह है। यहां छावनी में अंग्रेजी शासकों ने हॉर्स रेजीमेंट की स्थापना की थी। कर्नल विलियम गार्डनर इस रेजीडेंस की कमान संभालते थे। अब भी इनके परिवार की संपत्ति इस गांव में मौजूद है।
ब्रिटिश छावनी होने के कारण कई विदेशी लेखक और साहित्यकार यहां आते रहे हैं। फ्लिप भी यहां आए थे। उस समय अंग्रेज अफसरों को इस इलाके में सक्रिय ठग अपना निशाना बनाते थे।
इनके आतंक से ब्रिटिश अफसरों में खौफ था और ठगों से निपटने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों ने विशेष योजनाओं पर काम किया। यहां 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्तों ने अंग्रेजी फौजों को कई मोर्चों पर मात दी थी।
ब्रिटिश छावनी होने के कारण कई विदेशी लेखक और साहित्यकार यहां आते रहे हैं। फ्लिप भी यहां आए थे। उस समय अंग्रेज अफसरों को इस इलाके में सक्रिय ठग अपना निशाना बनाते थे।
इनके आतंक से ब्रिटिश अफसरों में खौफ था और ठगों से निपटने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों ने विशेष योजनाओं पर काम किया। यहां 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्तों ने अंग्रेजी फौजों को कई मोर्चों पर मात दी थी।
राज परिवार के वंशज राव मुकुल मान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज के राज परिवार के वंशज राव मुकुल मान सिंह बताते हैं कि इस फिल्म में आमिर खान आमिर अली नाम के ठग का किरदार निभा रहे हैं।
यह ठग इसी इलाके का रहने वाला था जबकि ठगों का सरदार मुरदान खान लखनऊ से ठगों की गतिविधियां संचालित करता था। यह ठग कासगंज, एटा, अलीगढ़, मुरादाबाद सहित अन्य इलाकों में ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
यह ठग इसी इलाके का रहने वाला था जबकि ठगों का सरदार मुरदान खान लखनऊ से ठगों की गतिविधियां संचालित करता था। यह ठग कासगंज, एटा, अलीगढ़, मुरादाबाद सहित अन्य इलाकों में ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।