फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The issue of adulteration of fat in vegetable ghee had reached the Lok Sabha in 1983.

पुराने पन्नों से : 1983 में लोकसभा में उठा था वनस्पति घी में चर्बी की मिलावट का मसला, मंत्री को देनी पड़ी सफाई

Mon, 23 Sep 2024 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अखिलेश कुमार, आगरा
अखिलेश कुमार, आगरा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 23 Sep 2024 06:09 AM IST
सार

अमर उजाला में 1 नवंबर 1983 को प्रकाशित खबर के मुताबिक इस मसले पर विश्वनाथ प्रताप सिंह को लखनऊ में पत्रकार सम्मेलन बुलाना पड़ा था। उनका कहना था कि, वह इस मसले पर सदन में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुके हैं। 

विज्ञापन
The issue of adulteration of fat in vegetable ghee had reached the Lok Sabha in 1983.
file grab - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसादम लड्डू में चर्बी और मछली के तेल के इस्तेमाल के खुलासे के बाद सियासत गर्म है। इससे पहले घी और साबुन पर भी यह तोहमत लग चुकी है। 41 साल पहले वनस्पति घी में चर्बी के इस्तेमाल का मामला पूर्व केंद्रीय वाणिज्य मंत्री मोहन धारिया ने उठाया था।

विज्ञापन


सियासत में तब भी उबाल आया था। अमर उजाला ने 1983 और 1968 में इन मामलों को प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला में छपी खबरों के मुताबिक 1983 में वनस्पति घी में चर्बी के इस्तेमाल का मामला उछला था। तब विश्वनाथ प्रताप सिंह केंद्रीय वाणिज्य मंत्री थे। इसी महकमे के पूर्ववर्ती मंत्री मोहन धारिया का कहना था कि वनस्पति में गाय की चर्बी का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने जांच की मांग उठाई थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला में 1 नवंबर 1983 को प्रकाशित खबर के मुताबिक इस मसले पर विश्वनाथ प्रताप सिंह को लखनऊ में पत्रकार सम्मेलन बुलाना पड़ा था। उनका कहना था कि, वह इस मसले पर सदन में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुके हैं। 


उन्होंने चर्बी के आयात और मिलावट के साक्ष्य सदन में पेश करने का भरोसा दिया था। वीपी सिंह के मुताबिक चर्बी का आयात जनता पार्टी के शासन में 3 अप्रैल 1978 को नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाने पर शुरू हुआ था। तब इसका किसी ने विरोध नहीं किया। 1968 में साबुन भी इस आरोप से नहीं बचा। यह मामला इसी साल लोकसभा में पहुंचा। 

अमर उजाला में 30 जुलाई 1968 को छपी खबर के मुताबिक साबुन में चर्बी का इस्तेमाल सामने आने पर पेट्रोलियम एवं रसायन राज्यमंत्री के रघुरामैया लोकसभा में अवाक रह गए थे। खाद्य और सौंदर्य उत्पादों में चर्बी के इस्तेमाल के मामले इस दौर में खूब सुर्खियों में रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed