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Agra News: गाजे-बाजे के साथ निकलीं देवी प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा
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बटेश्वर। शारदीय नवरात्र के समापन पर मंगलवार को बटेश्वर सहित आगरा के विभिन्न क्षेत्रों में देवी प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन किया गया। बटेश्वर तीर्थ धाम में 1500 प्रतिमाएं कुंडों में विसर्जित की गईं। फतेहाबाद, कागारौल, सैंया, लादूखेड़ा, इरादतनगर और अकोला में भी भक्तों ने माता रानी को नम आंखों से विदाई दी।
बटेश्वर में भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते, भजनों पर नाचते-गाते हुए प्रशासन द्वारा बनाए गए कुंडों पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं के साथ नौ दिनों तक बोए गए जवारे भी कुंड में प्रवाहित किए। फिरोजाबाद, सिरसागंज, शिकोहाबाद, जसराना, बाह और जैतपुर से आए भक्तों ने बटेश्वर में विसर्जन किया। मंगलवार को प्रातः 8:30 बजे से देर शाम 7 बजे तक विसर्जन कार्य चला। इंग्लैंड से आए विदेशी पर्यटक हेनी और क्रेष्ट ने भी इस नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। फतेहाबाद में विभिन्न पंडालों से देवी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच विसर्जन के लिए रवाना हुए। एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कागारौल में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद विदाई दी। कुछ भक्तों ने प्रतिमाओं को कैला देवी ले जाकर विसर्जित किया, जबकि अन्य ने स्थानीय खारी नदी में विसर्जन किया। सैंया थाना क्षेत्र के गांवों और आगरा से आईं दो दर्जन प्रतिमाओं को राजस्थान स्थित पार्वती नदी में विसर्जित किया गया।
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लादूखेड़ा, इरादतनगर और अकोला में विसर्जन लादूखेड़ा क्षेत्र में आज दशहरा के दिन देवी प्रतिमाओं का पार्वती नदी में विसर्जन हुआ। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना और आरती उतारी गई। इरादतनगर में आगरा-ग्वालियर रोड स्थित खारी नदी पर बने कुंडों में मंगलवार को देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। अकोला की खारी नदी में मंगलवार को देवी मूर्तियों का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।
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बटेश्वर में भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते, भजनों पर नाचते-गाते हुए प्रशासन द्वारा बनाए गए कुंडों पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं के साथ नौ दिनों तक बोए गए जवारे भी कुंड में प्रवाहित किए। फिरोजाबाद, सिरसागंज, शिकोहाबाद, जसराना, बाह और जैतपुर से आए भक्तों ने बटेश्वर में विसर्जन किया। मंगलवार को प्रातः 8:30 बजे से देर शाम 7 बजे तक विसर्जन कार्य चला। इंग्लैंड से आए विदेशी पर्यटक हेनी और क्रेष्ट ने भी इस नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। फतेहाबाद में विभिन्न पंडालों से देवी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच विसर्जन के लिए रवाना हुए। एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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कागारौल में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद विदाई दी। कुछ भक्तों ने प्रतिमाओं को कैला देवी ले जाकर विसर्जित किया, जबकि अन्य ने स्थानीय खारी नदी में विसर्जन किया। सैंया थाना क्षेत्र के गांवों और आगरा से आईं दो दर्जन प्रतिमाओं को राजस्थान स्थित पार्वती नदी में विसर्जित किया गया।
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लादूखेड़ा, इरादतनगर और अकोला में विसर्जन लादूखेड़ा क्षेत्र में आज दशहरा के दिन देवी प्रतिमाओं का पार्वती नदी में विसर्जन हुआ। विसर्जन से पहले प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना और आरती उतारी गई। इरादतनगर में आगरा-ग्वालियर रोड स्थित खारी नदी पर बने कुंडों में मंगलवार को देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। अकोला की खारी नदी में मंगलवार को देवी मूर्तियों का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।