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'ब्रेकअप' और 'टॉरगेट' ने उड़ाई युवाओं की नींद, अध्ययन में सामने आईं चौंकाने वाली बातें
Sat, 28 Sep 2019 01:59 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 28 Sep 2019 01:59 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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सेहतमंद के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है, लेकिन कार्य का दबाव और कंपनी के टॉरगेट से युवाओं की नींद उड़ गई है। इनमें पांच फीसदी में डिप्रेशन मिल रहा है। शुक्रवार को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित होटल में सिपकॉन-2019 में विशेषज्ञों ने इस पर व्याख्यान दिए।
इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी की सेंट्रल जोन की 41वें राष्ट्रीय अधिवेशन में डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि 60-70 फीसदी मरीजों में नींद न आने की परेशानी मिली। इसमें दो वर्गों में बांटकर स्टडी की। पाया कि 15 से 25 साल आयुवर्ग में परीक्षा और ब्रेकअप वजह मिली।
26 से 40 साल के लोगों में कार्य का तनाव, कार्य का टारगेट, अधिक समय तक कार्य करना समेत अन्य कारण रहे। डॉ. अमरप्रीत सिंह ने कहा कि कार्य के दबाव से मरीजों की नींद नहीं आने पर पांच फीसदी डिप्रशेन के मिले। नींद न आने पर मरीज दवाएं लेने लगे, इसकी डोज भी बढ़ा दी। परेशानी ज्यादा बढ़ने लगी तब चिकित्सक के पास आए।
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इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी की सेंट्रल जोन की 41वें राष्ट्रीय अधिवेशन में डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि 60-70 फीसदी मरीजों में नींद न आने की परेशानी मिली। इसमें दो वर्गों में बांटकर स्टडी की। पाया कि 15 से 25 साल आयुवर्ग में परीक्षा और ब्रेकअप वजह मिली।
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26 से 40 साल के लोगों में कार्य का तनाव, कार्य का टारगेट, अधिक समय तक कार्य करना समेत अन्य कारण रहे। डॉ. अमरप्रीत सिंह ने कहा कि कार्य के दबाव से मरीजों की नींद नहीं आने पर पांच फीसदी डिप्रशेन के मिले। नींद न आने पर मरीज दवाएं लेने लगे, इसकी डोज भी बढ़ा दी। परेशानी ज्यादा बढ़ने लगी तब चिकित्सक के पास आए।
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इससे पहले सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. म्रुगेश वैष्णव, डॉ. पीके दलाल और डॉ. आरके जैन ने उद्घाटन किया। डॉ. जयप्रकाश नारायण, डॉ. रंजीत चौधरी, डॉ. रजनी चटर्जी, डॉ. एसपी गुप्ता, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. धनंजय चौधरी, डॉ. विशाल सिन्हा, डॉ. मनोज साहू, डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने भी व्याख्यान दिए।
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