फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Sun light and dust are also necessary for children health

धूप-धूल भी जरूरी है : ज्यादा देखभाल भी बच्चों को कर सकती है बीमार, पढ़ें- नौनिहालों की सेहत से जुड़ी खास खबर

Wed, 20 Jul 2022 09:35 AM IST
मुकेश कुमार धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 20 Jul 2022 09:35 AM IST
सार

प्रकृति से दूरी से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई है, जिससे उनमें त्वचा, सांस और नाक संबंधी एलर्जी हो रही है। इसलिए धूप और धूल भी बच्चों की सेहत के लिए जरूरी है। 
 

विज्ञापन
Sun light and dust are also necessary for children health
बच्चों की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : iStock

विस्तार

अच्छे बच्चे धूप में नहीं खेलते..., मिट्टी में खेलोगे तो गंदे हो जाओगे...। बच्चों की जरूरत से ज्यादा देखभाल दुखदायी साबित हो रही है। शुरू में धूल-धूप से इतना बचाव उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम रहा है। ये बच्चे सामान्य वातावरण के संपर्क में आने पर बीमार पड़ रहे हैं। चिकित्सक इसे हाइजीन हाइपोथिसिस कहते हैं। चिकित्सकों के पास पहुंच रहे बीमार बच्चों में से 12 फीसदी में ये दिक्कत मिल रही है।

विज्ञापन


आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों के साथ बीते 14 महीने में 856 बच्चों पर शोध किया गया। जांच में पाया गया कि इनमें से 12 फीसदी बच्चों में बीमारी का कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना है। इनमें से 89 फीसदी बच्चे उच्च परिवारों के थे। 
विज्ञापन


ये बच्चे घर, कार समेत अधिकांश समय एसी में रहे। खानपान भी विशेष सामग्री तक सीमित रहा। परिजन इन बच्चों को घर से बाहर खेलने से बचाते रहे। लंबे समय बाद जब बच्चे धूप, मिट्टी और असल माहौल से संपर्क में आए तो इनमें फूड व नाक-त्वचा की एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग की परेशानी पनप गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये मिली बच्चों में परेशानी

  • नाक की एलर्जी : छींक आना, नाक बहना, नाक बंद हो जाना। 
  • त्वचा की एलर्जी : लाल चकत्ते, खुजली, शरीर पर लाल धब्बे।
  • फूड एलर्जी : उल्टी-दस्त होना, पेट में दर्द। 
  • अस्थमा : सांस लेने में परेशानी, छाती में जकड़न, खांसी। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से जल्द होते संक्रमित

इंडियन एलर्जी, अस्थमा एंड एप्लाइड इम्युनोलॉजी सोसाइटी के सदस्य डॉ. वरुण कुमार चौधरी ने बताया कि प्राकृतिक वातावरण से दूरी और अतिरिक्त देखभाल से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। ये बच्चे सामान्य माहौल में रहने के आदी नहीं होते और अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। कुल मरीजों में करीब 12 फीसदी बच्चों में ये दिक्कत मिल रही है। इनमें 90 फीसदी बच्चे उच्च परिवारों के हैं। 

बार-बार परेशानी होने पर जांच में मिली बीमारी

आगरा पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएन शर्मा ने बताया कि हाइजीन हाइपोथिसिस के चलते बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं। कई बार उल्टी-दस्त, धूप से एलर्जी के आधार पर इलाज करते हैं। बार-बार दिक्कत होने पर जांच कराने पर एलर्जी मिलती है। पूछताछ में ये अतिरिक्त देखभाल के शिकार मिलते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर सामान्य वातावरण में रहने पर परेशानी शुरू होने लगती है। 

ऐसे रखें ख्याल 

  • बच्चों को 3-4 घंटे आउटडोर खेल खिलाएं। 
  • पौष्टिक भोजन, सफाई का ध्यान रखें, अतिरिक्त देखभाल से बचें।  
  • घर में पालतू जानवर हैं तो बच्चों से दूर रखें। 
  • बच्चों के बार-बार हाथ-पैर धोने से बचें।  
  • सुबह की धूप में बच्चों को कुछ समय खेलने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed