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अंकपत्र न मिलने पर विधि छात्र ने आत्मदाह की मांगी अनुमति
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आगरा। हिम्मतपुर, फिरोजाबाद के छात्र ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को पत्र देकर आत्मदाह की अनुमति मांगी है। छात्र का आरोप है कि एलएलबी फाइनल की अंकतालिका अभी तक नहीं मिली है। लगातार चक्कर काटने से वह परेशान हो गया है, भविष्य भी चौपट हो रहा है।
छात्र महिपाल सिंह गहराना ने बताया कि 2018 में एलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा आगरा कॉलेज में दी थी। इसमें मुझे द्वितीय पेपर में बिना किसी पर्ची के नकल करते हुए दर्शाकर मेरी कापी सील कर दी। विश्वविद्यालय की अनफेयर मींस कमेटी ने मुझे साक्ष्य के अभाव में इस विषय में 57 फीसदी अंक देकर पास किया। सूचना के अधिकार के जरिये इसकी जानकारी हुई। जब मैंने 16 अगस्त 2019 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अंकतालिका देखी तो इसमें सुधार करते हुए विषय में नंबर दर्ज हो चुके थे। इसके बाद एक महीने तक अंकतालिका नहीं मिली तो सितंबर 2019 में फिर से वेबसाइट देखी। इसमें अंकतालिका में फिर से अनफेयर मींस दर्ज कर दिया था। इसके लिए कई बार प्रार्थना पत्र भी दिए। छात्र ने कहा कि जून से तो लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहा हूं। बिना अंकतालिका के बेरोजगार हूं और मेरा भविष्य चौपट हो रहा है। अंकतालिका उपलब्ध न होने पर मुझे आत्मदाह की अनुमति प्रदान की जाए। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि पुराना मामला है, इसकी जांच करा रहे हैं।
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छात्र महिपाल सिंह गहराना ने बताया कि 2018 में एलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा आगरा कॉलेज में दी थी। इसमें मुझे द्वितीय पेपर में बिना किसी पर्ची के नकल करते हुए दर्शाकर मेरी कापी सील कर दी। विश्वविद्यालय की अनफेयर मींस कमेटी ने मुझे साक्ष्य के अभाव में इस विषय में 57 फीसदी अंक देकर पास किया। सूचना के अधिकार के जरिये इसकी जानकारी हुई। जब मैंने 16 अगस्त 2019 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अंकतालिका देखी तो इसमें सुधार करते हुए विषय में नंबर दर्ज हो चुके थे। इसके बाद एक महीने तक अंकतालिका नहीं मिली तो सितंबर 2019 में फिर से वेबसाइट देखी। इसमें अंकतालिका में फिर से अनफेयर मींस दर्ज कर दिया था। इसके लिए कई बार प्रार्थना पत्र भी दिए। छात्र ने कहा कि जून से तो लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहा हूं। बिना अंकतालिका के बेरोजगार हूं और मेरा भविष्य चौपट हो रहा है। अंकतालिका उपलब्ध न होने पर मुझे आत्मदाह की अनुमति प्रदान की जाए। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि पुराना मामला है, इसकी जांच करा रहे हैं।
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