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हड़ताल: अधिकांश बैंक रहीं बंद, दस करोड़ का लेनदेन प्रभावित

Mon, 28 Mar 2022 11:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 11:30 PM IST
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Strike: Banks remained closed, ten crore transactions affected
मैनपुरी। ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन की हड़ताल से सोमवार को बैंकिंग सेवाएं चरमरा गईं। कुछ बैंकों को छोड़कर अन्य में कामकाज नहीं हुआ। इससे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते जिले में दस करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।
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सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल का एलान ऑल इंडिया बैंक इंप्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) की ओर से किया गया था। एसोसिएशन के सदस्य कर्मचारियों ने बैंकों में काम नहीं किया। इसके चलते इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक आदि में कामकाज बंद रहा। कर्मचारियों ने भांवत चौराहे के पास स्थित इंडियन बैंक पर धरना दिया। बैंकों में कामकाज बंद होने से रुपयों के लेनदेन व अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को लौटना पड़ा।
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वहीं भारतीय स्टेट बैंक की स्टेशन रोड स्थित मुख्य शाखा में एआईबीईएक के सदस्य न होने के चलते यहां कर्मचारी काम करते रहे। कुछ ग्रामीण शाखाओं में भी कामकाज हुआ। धरने में राजकुमार, विनय कुमार, राजीव चौहान, नवनीत गौतम, मोहित कुमार, प्रवीन कुमार, रामनरायन शर्मा, महाराज सिंह, अभिषेक शाक्य, मोहम्मद साजिद, शिवबख्श, संतोष कुमार, मनोज, आकाश मिश्रा और राहुल प्रताप मौजूद रहे।
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बैंक से जुड़े कामकाज के लिए ग्राहकों की मुश्किलें खत्म नहीं होंगी। मंगलवार को भी एआईबीईए की हड़ताल जारी रहने से अधिकांश बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। वहीं हड़ताल के बाद वित्तीय वर्ष के समापन के चलते बैंकों में कार्य नहीं होगा।
आमतौर पर बैंकों में लेनदेन के लिए बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। सोमवार को बैंकों में आने वाले ग्राहकों की संख्या कम रही है। हालांकि जो भी ग्राहक आए उन्हें मायूसी हाथ लगी।

ये हैं बैंककर्मियों की मांगें
-सरकारी बैंकों को बढ़ावा दिया जाए
-बैंकों का निजीकरण बंद किया जाए
-पुराने ऋणों की वसूली में तेजी लाएं
-बैंकों में जमा राशि पर ब्याज दर बढ़ें
-बैंकिंग सेवाओं का शुल्क कम हो
-नियमित भर्ती, पुरानी पेंशन बहाल हो
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घरेलू कार्य के लिए रुपयों की जरूरत है। दो दिन के अवकाश के बाद सोचा सोमवार को रुपये मिल जाएंगे लेकिन बैंक आए तो पता चला कि हड़ताल है।
-जयवीर सिंह, हरिचंदपुर।
परिवार में किसी को जरूरी कार्य के लिए रुपये देने हैं। सोमवार का वादा था। हड़ताल के चलते रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। कुछ भी कर पाना संभव नहीं है।
-रामकिशन, नवीगंज।
तीन साल की बेटी की तबियत खराब है। उपचार के लिए रुपयों की आवश्यकता है, दो दिन से इंतजार था कि बैंक खुलेंगे, हड़ताल ने मुसीबत खड़ी कर दी है।
-कौशल, नगला नया।
हर कोई अपना रुपया बैंक में इसलिए जमा करता है कि समय पर उन्हें मिल सकें। पता नहीं कब हड़ताल और अवकाश हो जाए। अपने ही रुपये समय पर नहीं मिलते।
-रमेश पाल, नगला जुला।
एआईबीईए की हड़ताल के चलते अधिकांश बैंक शाखाओं में सोमवार को कामकाज प्रभावित रहा। कुछ बैंक शाखाओं में काम हुआ। जिले में दस करोड़ रुपये के करीब नकद लेनदेन प्रभावित हुआ।
-अनिल प्रकाश तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक।
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