स्वामी रामभद्राचार्य जी की रामकथा: रामलला का हुआ जन्म, मंत्री एसपी सिंह बघेल और असीम अरुण ने भी किया रसपान
आगरा के कोठी मीना बाजार को ग्राउंड में तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी की रामकथा चल रही है। कथा के दूसरे दिन रामलला के जन्म की कथा का वर्णन हुआ। कथा का रसपान करने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, राज्यमंत्री असीम अरुण और राज्य स्वतंत्र प्रभार दिनेश दुबे भी पहुंचे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में स्वामी रामभद्राचार्य जी की रामकथा का आयोजन हो रहा है। रामकथा का आनंद लेने के लिए आसपास ही नहीं पड़ोसी राज्यों से भी स्रोता पहुंचे। मंगलवार को कथा के दूसरे दिन केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, राज्यमंत्री असीम अरुण और राज्य स्वतंत्र प्रभार दिनेश दुबे ने भी कथा का रसपान किया।
कथा सुनाते हुए कथावाचक स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कहा कि, बिन सत्संग विवेक न होए... यानी युवाओं के पास विवेक होना चाहिए और विवेक सिर्फ सत्संग से मिलता है। संतों के चरणों में ही युवाओं को विवेक मिलेगा। जैसा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्संग के विवेक से धारा 370 हटाई और जल्द ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत के अधीन होगा। यह घोषणा हुई तो कथा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जयश्रीराम के जयकारे लगने लगे।
अयोध्या में करेंगे 11 कुंडीय हनुमान महायज्ञ
जय श्रीराम सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कोठी मीना में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रीराम कथा शुरू करने से पहले स्वामी रामभद्राचार्य के द्वारा घोषणा की गई कि 2024 में 12 से 20 जनवरी तक अयोध्या में 11 कुंडीय हनुमान महायज्ञ करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए अग्रवनवासियों को कहा। यह एतिहासिक अवसर आ रहा कि जनवरी में ही रामलला मंदिर में विराजमान होंगे।
इस अवसर पर मुख्य यजमान धनकुमार जैन,शालिनी जैन,दैनिक यजमान सुशीला चौहान,देवेंद्र गोयस,रमाशंकर अग्रवाल,संजय मित्तल, अभय गुप्ता,राकेश बघेल आदि लोग रहे। साथ ही मुख्य आयोजक सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, डॉ. मृदुला कठेरिया, गौरव बंसल, केशव अग्रवाल, स्वदेश वर्मा, हरिनारायण चतुर्वेदी, प्रमोद गुप्ता, डब्बू पंडित, अनमोल अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सुनील मित्तल उपस्थित रहे।
श्रीराम को न मानने वालों का राजनीतिक सफर खत्म
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि मुझे खुशी है कि युवा वर्ग भगवान श्रीराम की वास्तविकता को समझ रहा है। श्रीराम का भी अस्तिव है, लेकिन विदेशों में रोजाना श्रीरामचरित्रमानस का पाठ होता है, वहां श्रीराम जी पूजनीय हैं। जिन लोगों ने राम को मानने से मना कर दिया था। ऐसे लोगों का राजनीति सफर भी खत्म होने वाला है।
संतों के संग से बन जाती है बिगड़ी
महिला का युवावस्था में सम्मान होता है, पर विद्वान का वृद्धावस्था में सम्मान होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, तो भोजन से भजन में मन लगता है। संत होना जीव का सबसे बड़ा सौभाग्य है। भगवान का नाम लेने में मन लग जाए, लीला में मन लग जाए, यही भजन है। संतों के संग लग जाने से व्यक्ति की बिगड़ी बन जाती है, संतों को देखने से भगवान याद आ जाते हैं।
इंदौर से पहुंचे युवा हास्य कवि
इंदौर से पहुंचे युवा हास्य कवि चेतन चर्चित ने कहा कि बना लो आप दास निज चरणों का हमको भी कृपा श्रीराम जी की मिल जाए....काव्य पाठ अकसर गुरु जी को मिलता था तब सुनाता था। पहली बार मंच पर आकर काव्य पाठ करने के लिए स्वामी रामभद्राचार्य जी ने खुद बुलाया। मानो मेरा जीवन धन्य हो गया। पहली बार मंच से काव्य पाठ किया।
गैलाना से रामकथा सुनने पहुंचे बृजेंद्र ने कहा कि हम लोग गुरु रामभद्राचार्य को सुनने के लिए गैलाना से आए हैं। अक्सर हम इन्हें सोशल मीडिया पर देखते सुनते थे। पहली बार गुरुजी के दर्शन हुए। बहुत दिन से श्रीराम कथा का हम लोग इंतजार कर रहे थे।