विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार: गेस्ट हाउस के लिए 90 हजार का बेड, 85 हजार में खरीदी अलमारी, एसटीएफ करेगी जांच
ये खरीद प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के कार्यकाल में हुई। 25 बेड, 25 अलमारी और 80 मेज की खरीद दिखाई गई। इनकी बाजार में कीमत पता की तो बेड 25 हजार रुपये, अलमारी 15 हजार रुपये और मेज की कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई।
विस्तार
एसटीएफ ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में फर्नीचर घोटाले की जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रो. विनय पाठक के कार्यकाल में हुई फर्नीचर खरीद के बिल मांगे हैं। किस मद में खरीद हुई और किस कंपनी से आपूर्ति हुई सहित अन्य जानकारियां और दस्तावेज एसटीएफ ने मांगे हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. अरविंद टाइटलर ने प्रभारी कुलपति प्रो. विनय पाठक के कार्यकाल में संस्कृति भवन के गेस्ट हाउस के लिए खरीदे फर्नीचर में घोटाले का आरोप लगाते हुए कुलपति से शिकायत की थी।
ये था आरोप
इसमें उनका आरोप था कि 90 हजार रुपये में बेड, 85 हजार रुपये में अलमारी और 10 हजार रुपये में मेज (साइड टेबल) खरीदी गई। बाजार में इनकी कीमत क्रमश: 25 हजार, 15 हजार और 4 हजार है। इसकी शिकायत पर कुलपति ने भी आंतरिक जांच शुरू की और अब ये मामला एसटीएफ के संज्ञान में है। एसटीएफ ने प्रो. पाठक के कार्यकाल में गेस्ट हाउस, कुलपति आवास के अलावा अन्य जगहों के फर्नीचर की खरीद की जानकारी जुटाई है। विश्वविद्यालय से इस संदर्भ में बिल भी मांगे हैं।
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एसटीएफ को उपलब्ध कराए जा रहे दस्तावेज
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि एसटीएफ कई मामलों में जांच कर रही है, जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, उनको उपलब्ध कराया जा रहा है।