{"_id":"667ee98b15edbc0f010a65f7","slug":"state-gst-team-surveyed-nainana-jat-firm-muskaan-traders-in-agra-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: स्टेट जीएसटी टीम ने मुस्कान ट्रेडर्स का किया सर्वे, पकड़ी 1.38 करोड़ की टैक्स चोरी; जमा कराए 73.80 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: स्टेट जीएसटी टीम ने मुस्कान ट्रेडर्स का किया सर्वे, पकड़ी 1.38 करोड़ की टैक्स चोरी; जमा कराए 73.80 लाख
Fri, 28 Jun 2024 10:19 PM IST
श्याम जी.
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 28 Jun 2024 10:19 PM IST
सार
आगरा में स्टेट जीएसटी की टीम ने नैनाना जाट की फर्म मुस्कान ट्रेडर्स का सर्वे किया। इस दौरान 1.38 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई।
विज्ञापन
टैक्स (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्टेट जीएसटी की टीम ने गुरुवार रात नैनाना जाट की फर्म मुस्कान ट्रेडर्स का सर्वे किया, जिसमें 1.38 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई। फर्म ने 73.80 लाख रुपये का टैक्स डिमांड एंड रिकवरी फॉर्म (डीआरसी) से जमा किया। बाकी जल्द चुकाने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
स्टेट जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर मारुति शरण चौबे ने बताया कि मुस्कान ट्रेडर्स की जांच में पाया गया कि जिन फर्मों से खरीद घोषित कर आईटीसी क्लेम की जा रही थी, उनकी पूर्ववर्ती फर्मों के जीएसटीआर-2ए में कोई आईटीसी प्रदर्शित नही हो रही थी। वह फर्म भी आईटीसी जेनरेट कर आगे पास ऑन की जा रही थी।
विज्ञापन
ई-वे बिल से की गयी खरीद की जांच पर पाया गया कि जिन रूट का ब्योरा दिया गया, उसके टोल प्लाजा से वाहन गुजरा ही नहीं है। बिना वाहन निकले ही माल की खरीद घोषित कर आईटीसी क्लेम की जा रही थी। फर्म के जरिए जीएसटीआर-2ए/2बी में प्रदर्शित आईटीसी से अधिक आईटीसी जीएसटीआर-3बी में क्लेम की जा रही थी।
विज्ञापन
टैक्स चोरी पर जमा कराए 73.80 लाख रुपये
मुस्कान ट्रेडर्स की जांच के समय मिली कमियों के आधार पर 1.38 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई। व्यापारी से 73.80 लाख कर के रूप में डीआरसी-03 के माध्यम से जमा कराया गया है। बाकी धनराशि को व्यापारी ने डीआरसी-03 के माध्यम से जमा करने का आश्वासन दिया। जांच में एडिशनल कमिश्नर सर्वजीत, जॉइंट कमिश्नर प्रमोद दुबे, भारतेंदु दत्त शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र प्रताप सिंह, राकेश नारायण मिश्रा आदि मौजूद रहे।