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फोरेंसिक लैब में सैन्य जासूसी के खुलेेंगे राज
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 13 Jan 2015 02:12 AM IST
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सेना में जासूसी के शक में गिरफ्तार कर्मचारी के पास विभाग के ही अन्य पटलों के दस्तावेज भी मिले हैं। बाबू पर जिस पटल का चार्ज था, उसके अलावा दूसरे पटलों के बारे में जानकारी उसने क्यों इकट्ठी की इसका पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ सकता है। आरोपी कर्मचारी के मोबाइल में मौजूद डेटा को जांच के लिए दिल्ली में सेना की फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। लैब में जांच के बाद साफ होगा कि गोपनीय डेटा किसी को ट्रांसफर तो नहीं किया गया। कर्मचारी से खुफिया विभाग जेल में भी पूछताछ करेगा।
बता दें, मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर स्थित काकड़ा निवासी उदयवीर (55) मिलिट्री एयरबोर्न स्कूल में यूडीसी था। हाल में वह मानसरोवर कालोनी शाहगंज में रहता है। एयरबोर्न ट्रेनिंग स्कूल की रेंडम जांच के दौरान उदयवीर के मोबाइल में आर्मी से संबंधित सरकारी दस्तावेज मिले थे। इनमें एयरपोर्ट योजना (2015-2016), मित्र देशों के अधिकारियों के आगमन की रिपोर्ट मिली। जिस मोबाइल में डेटा है, वह सैमसंग कंपनी का है। उसमें माइक्रो एसडी की दो जीबी की चिप लगी मिली। मोबाइल, उसमें लगी प्रीपेड सिम और चिप की जांच की जा रही है। इन्हें दिल्ली में सेना की फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। यह पता लगाया जाएगा कि डेटा किन लोगों को दिया गया। क्या गोपनीय दस्तावेज लीक हुए। उसके संपर्क में कौन लोग थे।
बताया गया है कि गोपनीयता की वजह से कर्मचारी छह माह से ज्यादा विभाग के एक पटल में काम नहीं कर पाते हैं। उनकी विभाग के दूसरे पटलों में अदली-बदली होती है। ऐसे में ये आशंका भी बढ़ गई है कि कर्मचारी के पास दूसरे पटलों का भी गोपनीय रिकार्ड तो नहीं है। हाल में जिस पटल में रहा है, वहां का रिकार्ड सुरक्षित है या नहीं। इसकी जांच की जा रही है। सरकारी दस्तावेज वह अपने मोबाइल में लेने के बाद घर भी ले जाता था। उद्देश्य क्या था, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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बता दें, मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर स्थित काकड़ा निवासी उदयवीर (55) मिलिट्री एयरबोर्न स्कूल में यूडीसी था। हाल में वह मानसरोवर कालोनी शाहगंज में रहता है। एयरबोर्न ट्रेनिंग स्कूल की रेंडम जांच के दौरान उदयवीर के मोबाइल में आर्मी से संबंधित सरकारी दस्तावेज मिले थे। इनमें एयरपोर्ट योजना (2015-2016), मित्र देशों के अधिकारियों के आगमन की रिपोर्ट मिली। जिस मोबाइल में डेटा है, वह सैमसंग कंपनी का है। उसमें माइक्रो एसडी की दो जीबी की चिप लगी मिली। मोबाइल, उसमें लगी प्रीपेड सिम और चिप की जांच की जा रही है। इन्हें दिल्ली में सेना की फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। यह पता लगाया जाएगा कि डेटा किन लोगों को दिया गया। क्या गोपनीय दस्तावेज लीक हुए। उसके संपर्क में कौन लोग थे।
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बताया गया है कि गोपनीयता की वजह से कर्मचारी छह माह से ज्यादा विभाग के एक पटल में काम नहीं कर पाते हैं। उनकी विभाग के दूसरे पटलों में अदली-बदली होती है। ऐसे में ये आशंका भी बढ़ गई है कि कर्मचारी के पास दूसरे पटलों का भी गोपनीय रिकार्ड तो नहीं है। हाल में जिस पटल में रहा है, वहां का रिकार्ड सुरक्षित है या नहीं। इसकी जांच की जा रही है। सरकारी दस्तावेज वह अपने मोबाइल में लेने के बाद घर भी ले जाता था। उद्देश्य क्या था, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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