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...तो 60 प्रतिशत महिलाओं की बच सकती है जान

Thu, 14 Jan 2016 02:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Thu, 14 Jan 2016 02:06 AM IST
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...so, life of 60 percent female could save
प्रसव में अधिक रक्तस्राव की वजह से करीब 35 फीसदी महिलाएं दम तोड़ देती हैं। लेटेस्ट लाइफ बॉडी रैप (एलबीडब्ल्यू) किट के जरिए ऐसे में मामलों में 60 फीसदी महिलाओं की जानें बचाई सकती हैं। लेकिन यह किट सामान्य प्रसव में ही कारगर है। आइकोग में इसके इस्तेमाल के बारे में विशेषज्ञों ने बताया।
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विशेषज्ञ डा. सुधा बंसल ने बताया कि इस किट को प्रसव से पूर्व पैरों से कमर तक पहनाया जाता है। इसमें पांच-पांच बेल्ट होती हैं, जो पेट, कूल्हे और पैरों पर लगाई जाती हैं। ये मांसपेशियों पर दबाव बनाकर हृदय तक रक्त को पहुंचाते हैं। सामान्य तौर पर प्रसव के बाद 3-5 मिनट में रक्तस्राव बंद हो जाता है। ऐसा न होने पर किट के जरिए 4-5 घंटे तक स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। इलाज करने के लिए यह समय चिकित्सकों काफी अहम होता है।
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वजाइनल सर्जरी से हो रहे आपरेशन
वजाइनल सर्जरी सामान्य आपरेशन में कारगर है। इस विधि से कांफ्रेंस में 10 आपरेशन हुए। इसमें रसौली, बच्चेदानी का नीचे खिसकना, यूट्रिस जैसे सामान्य आपरेशन सफलतापूर्वक संभव हैं। इसमें चीरा या फिर छेद करने की भी जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञ डा. रिचा सिंह ने बताया कि आपरेशन में टांके लगा दिए जाते हैं, जो चंद दिनों में नष्ट हो जाते हैं।
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आज पतंग उड़ाकर देंगे बेटी बचाने का संदेश
गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विशिष्ट अतिथि सांसद किरण खेर आइकोग का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले छह हजार डाक्टर कलाकृति मैदान में पतंग उड़ाकर बेटी बचाने का संदेश देंगे। तमिलनाडु से सेव गर्ल चाइल्ड का संदेश लेकर आया छात्राओं का दल मुख्य अतिथि को मशाल भी थमाएगा।
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