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एसएन सुपर स्पेशियलिटी सेंटर: आईसीयू में एक हजार रुपये में इलाज, 75 फीसदी मरीजों की बचाई जान
Sun, 20 Apr 2025 09:36 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 20 Apr 2025 09:36 AM IST
सार
एसएन के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में 450 मरीजों का इलाज हुआ। खास बात ये है कि जहां निजी अस्पताल में कई गुना का खर्चा आता है, वहीं यहां पर 1 हजार रुपये में इलाज मिल रहा है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में जटिल सर्जरी करने वाली टीम।
- फोटो : संवाद
विस्तार
एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में बने आईसीयू का रोजाना महज 1000 रुपये शुल्क है। इसमें सरकारी दवाएं भी दी जा रही हैं। निजी अस्पतालों में ये खर्चा कई गुना है। आईसीयू में सालभर में 450 मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है। इसमें मरीजों के ठीक होने की दर 75 फीसदी से भी अधिक है।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि आईसीयू में 32 बेड हैं। वेंटिलेटर समेत अन्य जीवन रक्षक उपकरण लगे हुए हैं। इसमें कैंसर, किड़नी, लिवर, हृदय, न्यूरो, सांस रोग, सड़क हादसे समेत किसी भी मर्ज के गंभीर मरीजों का इलाज हो रहा है। आईसीयू का प्रतिदिन का शुल्क वेंटिलेटर समेत 1000 रुपये तय है। इसमें उपलब्ध सरकारी दवाएं भी शामिल हैं। इलाज के लिए अत्याधुनिक जीवन रक्षक मशीनें और विशेषज्ञों की टीम है। निजी अस्पतालों की बात करें तो ये खर्चा कई गुना है, जिसन् मरीज का इलाज कराना आसान नहीं होता। जरूरतमंद मरीज यहां की सेवाएं ले सकते हैं।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि आईसीयू में 32 बेड हैं। वेंटिलेटर समेत अन्य जीवन रक्षक उपकरण लगे हुए हैं। इसमें कैंसर, किड़नी, लिवर, हृदय, न्यूरो, सांस रोग, सड़क हादसे समेत किसी भी मर्ज के गंभीर मरीजों का इलाज हो रहा है। आईसीयू का प्रतिदिन का शुल्क वेंटिलेटर समेत 1000 रुपये तय है। इसमें उपलब्ध सरकारी दवाएं भी शामिल हैं। इलाज के लिए अत्याधुनिक जीवन रक्षक मशीनें और विशेषज्ञों की टीम है। निजी अस्पतालों की बात करें तो ये खर्चा कई गुना है, जिसन् मरीज का इलाज कराना आसान नहीं होता। जरूरतमंद मरीज यहां की सेवाएं ले सकते हैं।
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इमरजेंसी में आए मरीज किए जाते हैं रेफर
आईसीयू प्रभारी डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल ने बताया कि आईसीयू में वेंटिलेटर, एक्सरे समेत अन्य की सुविधा है। यहां अभी तक 450 अतिगंभीर हालत के मरीज भर्ती हुए। इसमें मरीज को सीधे भर्ती नहीं किया जाता है। इमरजेंसी में मरीज आने के बाद अगर कोई सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में भर्ती होना चाहता है तो उसको रेफर कर दिया जाता है।
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आईसीयू प्रभारी डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल ने बताया कि आईसीयू में वेंटिलेटर, एक्सरे समेत अन्य की सुविधा है। यहां अभी तक 450 अतिगंभीर हालत के मरीज भर्ती हुए। इसमें मरीज को सीधे भर्ती नहीं किया जाता है। इमरजेंसी में मरीज आने के बाद अगर कोई सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में भर्ती होना चाहता है तो उसको रेफर कर दिया जाता है।
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डायलिसिस मशीन भी लगाई जाएगी
आईसीयू में डायलिसिस की सुविधा भी जल्द शुरू हो जाएगी। डायलिसिस की 4 मशीनें लगाई जाएंगी। इससे किडनी के मरीजों की आईसीयू में ही डायलिसिस हो सकेगी। अभी मरीजों को दूसरी इमारत में डायलिसिस के लिए जाना पड़ता है।