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UP: बर्थडे स्पार्कल स्टिक से हुआ ऐसा धमाका...उखड़ गए घर के दरवाजे, आग में तीन झुलसे; मंजर देख कांप गए लोग
Sun, 20 Apr 2025 08:39 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 20 Apr 2025 08:39 AM IST
सार
आगरा के बल्केश्वर में घर में बंद कमरे में बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाने के दौरान धमाका हो गया। इसके साथ ही आग की लपटों ने परिवार के सदस्यों को घेर लिया। चीख-पुकार मच गई। आग के बीच पहली मंजिल पर पूरा परिवार फंस गया। तीन लोग झुलस गए। पड़ोसियों ने फंसे लोगों को सीढ़ी लगाकर किसी तरह बाहर निकाला।
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धमाका
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के बल्केश्वर स्थित भगवान नगर में शनिवार शाम को बर्थडे स्पार्कल स्टिक (केक के ऊपर लगने वाली छड़ी) के परीक्षण के दौरान धमाका होने से आग लग गई। कमरे में मौजूद गृहस्वामी, उसका पार्टनर और एक युवती झुलस गए। धमाका इतना जबरदस्त था कि कमरे का दरवाजा उखड़कर दूर जा गिरा। दूसरी मंजिल पर परिवार के अन्य सदस्य फंस गए। पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें निकाला। फायर ब्रिगेड ने लोगों की मदद से आग बुझाई।
हादसा शाम करीब 6 बजे हुआ। भगवान नगर निवासी गौरव बंसल अपने दोस्त आशीष जैन के साथ मिलकर घर में ही बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाने का काम करते हैं। दोमंजिला मकान के भूतल पर एक कमरे में स्टिक बनाई जाती थी। पैकिंग के लिए मेघा और चिया नाम की दो युवतियों को रखा था।
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हादसा शाम करीब 6 बजे हुआ। भगवान नगर निवासी गौरव बंसल अपने दोस्त आशीष जैन के साथ मिलकर घर में ही बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाने का काम करते हैं। दोमंजिला मकान के भूतल पर एक कमरे में स्टिक बनाई जाती थी। पैकिंग के लिए मेघा और चिया नाम की दो युवतियों को रखा था।
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स्पार्कल स्टिक फुलझड़ी की तरह होती है। इसमें मामूली मात्रा में बारूद होता है। पर कमरे में बारूद अलग से भी रखा हुआ था। मौके पर लोगों ने पुलिस को बताया कि स्पार्कल स्टिक के परीक्षण के दौरान अचानक धमाका हुआ और आग लग गई। कमरे के गेट बंद थे। कमरे के दरवाजे उखड़कर दूर जा गिरे। हादसे के समय चिया कमरे के बाहर थी। वह बच गई। कमरे में मौजूद आशीष जैन, मेघा और गौरव बंसल झुलस गए।
धमाका इतना तेज था कि आधा किलोमीटर तक उसकी गूंज रही। पड़ोसी घरों के बाहर निकल आए। घर से लपटें उठती देखकर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने घर की दूसरी मंजिल पर फंसे गौरव की पत्नी नेहा, डेढ़ माह की बेटी, सौरभ की पत्नी मोहिनी और बेटी अराध्या को सीढ़ी लगाकर किसी तरह बाहर निकाला।
सूचना पर कमला नगर के एसओ निशामक त्यागी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसी बीच दमकल भी पहुंच गई। आग को दूसरी मंजिल पर फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। पुलिस ने झुलसे लोगों को एसएन अस्पताल में भर्ती कराया।
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मेघा की 26 को है शादी, परिजन बेहाल
आसपास के लोगों ने बताया कि बल्केश्वर की मेघा कुछ समय से गौरव के यहां पैकिंग का कार्य कर रही थी। उसकी शादी तय हो चुकी है। 26 अप्रैल को बरात आनी है। हादसे में वह झुलस गई है। परिजन को हादसे की जानकारी मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
आसपास के लोगों ने बताया कि बल्केश्वर की मेघा कुछ समय से गौरव के यहां पैकिंग का कार्य कर रही थी। उसकी शादी तय हो चुकी है। 26 अप्रैल को बरात आनी है। हादसे में वह झुलस गई है। परिजन को हादसे की जानकारी मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घरों में कारखाने, नहीं हो रही जांच
घनी आबादी वाले भगवान नगर में चांदी, केमिकल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां घरों में चल रही हैं। हादसे के बाद आसपास के लोग घबरा गए। हादसे के वक्त घर में तीन सिलिंडर फायर की टीम ने निकाले हैं। यदि आग इन सिलिंडरों में लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसकी चपेट में आसपास के घर भी आते। लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में बिना लाइसेंस घरों में चल रहे ऐसे कार्यों की जांच होनी चाहिए।
घनी आबादी वाले भगवान नगर में चांदी, केमिकल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां घरों में चल रही हैं। हादसे के बाद आसपास के लोग घबरा गए। हादसे के वक्त घर में तीन सिलिंडर फायर की टीम ने निकाले हैं। यदि आग इन सिलिंडरों में लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसकी चपेट में आसपास के घर भी आते। लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में बिना लाइसेंस घरों में चल रहे ऐसे कार्यों की जांच होनी चाहिए।