{"_id":"613fb3948ebc3eb4da7761d7","slug":"sn-record-2274-patients-came-to-opd-hall-filled-agra-city-news-agr507510067","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएन: ओपीडी में आए रिकॉर्ड 2274 मरीज, भरा हॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएन: ओपीडी में आए रिकॉर्ड 2274 मरीज, भरा हॉल
विज्ञापन
एसएन हॉस्पिटल की ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : Agra City
आगरा। मच्छर और बदले मौसम से डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तीन गुनी हो गई। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में रिकॉर्ड 2274 मरीज पहुंचे। हॉल भर गया और डॉक्टरों ने एक घंटा अतिरिक्त मरीज देखे और तीन बजे तक ओपीडी चलती रही।
ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सोमवार को 2062 नए मरीज और 212 पुराने मरीज आए। सुबह से ही मरीजों की भीड़ देख दो गार्ड और तीन वार्ड ब्वाय अतिरिक्त लगाने पड़े। मरीजों से ओपीडी हॉल भर गया। ऐसे में चलने-फिरने में लाचार और खराब हालत के मरीजों को सबसे पहले दिखाया गया। मरीज अधिक होने पर मेडिसिन और त्वचा रोग विभाग के चिकित्सकों ने तीन बजे तक मरीज देखे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 2800 से अधिक मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने के लिए मारामारी रही। धक्का-मुक्की होने से मरीजों को परेशानी भी हुई। करीब 40 से 50 मिनट तक लाइन में लगना पड़ा। डॉक्टर को दिखाने में भी इतना समय लगा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में से बुखार-खांसी के 590 मरीज रहे, इनको दवा देने के साथ चिकित्सकों ने मच्छरों से बचने के बारे में भी बताया।
विज्ञापन
मेडिसिन विभाग की डॉ. अंजना पांडेय ने बताया कि वायरल के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं, इनको तेज बुखार, सांस लेेने में परेशानी और मांसपेशियों में दर्द की भी शिकायत मिल रही है। कई ऐसे मरीज हैं, जो बिना परामर्श के दवा ले रहे हैं और बुखार उतरने पर दवा बीच में छोड़ दी। दोबारा बुखार आया तो हालत खराब हो गई। मेडिसिन विभाग की कुल ओपीडी 485 में से लगभग 280 मरीज वायरल के रहे।
बाल रोग विभाग की डॉ. मधु नायक ने बताया कि दस दिन में बाल रोग विभाग की ओपीडी में तीन गुना मरीज आ रहे हैं। अब 120 से 140 मरीज हैं। इनमें अस्थमा से पीड़ित बच्चों की बुखार आने पर हालत ज्यादा खराब मिल रही है। उनकी सांस तेज चल रही है। तीन से पांच मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कराया जा रहा है।
सबसे अधिक मरीजों वाले विभाग:
मेडिसिन: 485
त्वचा रोग: 357
ईएनटी: 176
वक्ष एंव क्षय रोग: 140
हड्डी रोग: 136
बाल रोग: 135
विज्ञापन
ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सोमवार को 2062 नए मरीज और 212 पुराने मरीज आए। सुबह से ही मरीजों की भीड़ देख दो गार्ड और तीन वार्ड ब्वाय अतिरिक्त लगाने पड़े। मरीजों से ओपीडी हॉल भर गया। ऐसे में चलने-फिरने में लाचार और खराब हालत के मरीजों को सबसे पहले दिखाया गया। मरीज अधिक होने पर मेडिसिन और त्वचा रोग विभाग के चिकित्सकों ने तीन बजे तक मरीज देखे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 2800 से अधिक मरीज पहुंचे। पर्चा बनवाने के लिए मारामारी रही। धक्का-मुक्की होने से मरीजों को परेशानी भी हुई। करीब 40 से 50 मिनट तक लाइन में लगना पड़ा। डॉक्टर को दिखाने में भी इतना समय लगा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में से बुखार-खांसी के 590 मरीज रहे, इनको दवा देने के साथ चिकित्सकों ने मच्छरों से बचने के बारे में भी बताया।
विज्ञापन
मेडिसिन विभाग की डॉ. अंजना पांडेय ने बताया कि वायरल के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं, इनको तेज बुखार, सांस लेेने में परेशानी और मांसपेशियों में दर्द की भी शिकायत मिल रही है। कई ऐसे मरीज हैं, जो बिना परामर्श के दवा ले रहे हैं और बुखार उतरने पर दवा बीच में छोड़ दी। दोबारा बुखार आया तो हालत खराब हो गई। मेडिसिन विभाग की कुल ओपीडी 485 में से लगभग 280 मरीज वायरल के रहे।
बाल रोग विभाग की डॉ. मधु नायक ने बताया कि दस दिन में बाल रोग विभाग की ओपीडी में तीन गुना मरीज आ रहे हैं। अब 120 से 140 मरीज हैं। इनमें अस्थमा से पीड़ित बच्चों की बुखार आने पर हालत ज्यादा खराब मिल रही है। उनकी सांस तेज चल रही है। तीन से पांच मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कराया जा रहा है।
सबसे अधिक मरीजों वाले विभाग:
मेडिसिन: 485
त्वचा रोग: 357
ईएनटी: 176
वक्ष एंव क्षय रोग: 140
हड्डी रोग: 136
बाल रोग: 135