हाथरस हादसा: गांव में फैला सन्नाटा, बच्चे अब भी डरे-सहमे...अपनों को तलाशती रहीं आंखें; ढांढस बंधाने पहुंचे लोग
हाथरस हादसे के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। बच्चे अब भी डरे-सहमे हैं। आंखें अपनों को तलाशती रहीं। ढांढस बंधाने लोग पहुंचते रहे।
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उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी 17 लोगों की मौत हाथरस में सड़क हादसे में हो गई। जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से तीन बच्चे और दो पुरुष रविवार को घर पहुंचे। घर खाली देख बिलख पड़े। उनकी आंखें अपनों को तलाश रही थीं। जैसे ही पता चला कि जिन्हें वो तलाश रहे, अब वो दुनिया में नहीं हैं तो बदहवास होकर रोने लगे। मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें शांत किया।
हादसे में घायल लतीफ खान अपनी नातिन आफरीन, नाती अलीराज, शहरुन और फरियाद एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए थे। इलाज के बाद परिजन उन्हें रविवार को घर ले आए। लतीफ के कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। नाती और नातिन के पैरों में चोट है।
लतीफ को जब अपने भाई मुन्ना और भतीजों की मौत की खबर मिली तो उनके आंसू देर तक नहीं थमे। आफरीन और अलीराज सहमे हुए अपनी मां की गोद से नहीं हट रहे हैं। वह सूफियान और शोएब को याद करते रहे मगर उन्हें नहीं पता कि दोनों भाई नहीं रहे। मां उन्हें इसी डर से घर से नहीं निकलने दे रही है।