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मार्गशीर्ष मेले में पहुंचने लगे दुकानदार, कारीगर
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मार्गशीर्ष मेले में पहुंचने लगे दुकानदार, कारीगर
सोरोंजी। तीर्थंनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ मेला मार्गशीर्ष के प्रारंभ होने में एक पखवाड़ा रह गया है। मेले में दुकानें लगाने के लिए पत्थर का सामान बनाने वाले कारीगर और दुकानदारों ने पहुंचना शुरू कर दिया है। यह मेला 11 दिसंबर से विधिवत पूजन के साथ शुरू होगा और 26 दिसंबर तक चलेगा।
मेले को लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। पालिका 30 नवंबर को ई टेंडर के माध्यम से मेला ग्राउंड में दुकानदारों के लिए भूमि आवंटन करने वाले ठेकेदार का चयन करेगी। इसके बाद ही मेले में दुकान लगाने वाले व खेल तमाशों वालों के लिए जगह आवंटित होगी। ककोड़ा मेला समाप्त होने के बाद दुकानदारों ने सामान सहित तीर्थंनगरी के मेला ग्राउंड की ओर रुख करना प्रारंभ कर दिया है। शनिवार को पत्थर का सामान बनाने वाले कारीगर पहुंचे। उन्होंने एसटीडीएम इंटर कॉलेज के पीछे मेला ग्राउंड स्थित बाईपास मार्ग पर अपने तंबू गाड़ दिए। एटा से आए पत्थर कारीगर विनोद कुमार ने बताया कि उनके परिजन कई पीढ़ी से मेला मार्गशीर्ष में आते रहे है।
मेला मार्गशीर्ष के प्रमुख स्नान पर्व
प्रथम स्नान पर्व - 14 दिसंबर मार्गशीर्ष एकादशी
द्वितीय स्नान पर्व - 15 दिसंबर मार्गशीर्ष द्वादशी भगवान वराह का मोक्ष दिवस
तृतीय स्नान पर्व - 16 दिसंबर नागा साधुओं का शाही स्नान पर्व
चौथा व अंतिम स्नान - 19 दिसंबर मार्गशीर्ष पूर्णिमा
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दो दिसंबर से आएगा जल
हरि की पौड़ी में जल 2 दिसंबर से आएगा। इसे देखते हुए गंगा नहर से हरि की पौड़ी तक आने वाले बंबा की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। भगवान वराह व महापुरुषों की प्रतिमा का रंग रोगन कराया जाएगा। गंगाजी के चारों तरफ मंदिरों व घाटों पर रंगाई पुताई का कार्य शीघ्र शुरू होगा। -मुन्नी देवी नगर पालिका अध्यक्ष सोरोंजी
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सोरोंजी। तीर्थंनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ मेला मार्गशीर्ष के प्रारंभ होने में एक पखवाड़ा रह गया है। मेले में दुकानें लगाने के लिए पत्थर का सामान बनाने वाले कारीगर और दुकानदारों ने पहुंचना शुरू कर दिया है। यह मेला 11 दिसंबर से विधिवत पूजन के साथ शुरू होगा और 26 दिसंबर तक चलेगा।
मेले को लेकर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। पालिका 30 नवंबर को ई टेंडर के माध्यम से मेला ग्राउंड में दुकानदारों के लिए भूमि आवंटन करने वाले ठेकेदार का चयन करेगी। इसके बाद ही मेले में दुकान लगाने वाले व खेल तमाशों वालों के लिए जगह आवंटित होगी। ककोड़ा मेला समाप्त होने के बाद दुकानदारों ने सामान सहित तीर्थंनगरी के मेला ग्राउंड की ओर रुख करना प्रारंभ कर दिया है। शनिवार को पत्थर का सामान बनाने वाले कारीगर पहुंचे। उन्होंने एसटीडीएम इंटर कॉलेज के पीछे मेला ग्राउंड स्थित बाईपास मार्ग पर अपने तंबू गाड़ दिए। एटा से आए पत्थर कारीगर विनोद कुमार ने बताया कि उनके परिजन कई पीढ़ी से मेला मार्गशीर्ष में आते रहे है।
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मेला मार्गशीर्ष के प्रमुख स्नान पर्व
प्रथम स्नान पर्व - 14 दिसंबर मार्गशीर्ष एकादशी
द्वितीय स्नान पर्व - 15 दिसंबर मार्गशीर्ष द्वादशी भगवान वराह का मोक्ष दिवस
तृतीय स्नान पर्व - 16 दिसंबर नागा साधुओं का शाही स्नान पर्व
चौथा व अंतिम स्नान - 19 दिसंबर मार्गशीर्ष पूर्णिमा
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दो दिसंबर से आएगा जल
हरि की पौड़ी में जल 2 दिसंबर से आएगा। इसे देखते हुए गंगा नहर से हरि की पौड़ी तक आने वाले बंबा की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। भगवान वराह व महापुरुषों की प्रतिमा का रंग रोगन कराया जाएगा। गंगाजी के चारों तरफ मंदिरों व घाटों पर रंगाई पुताई का कार्य शीघ्र शुरू होगा। -मुन्नी देवी नगर पालिका अध्यक्ष सोरोंजी
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