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कान्हा गोशाला प्रकरण: संचालक फर्म के भुगतान पर लगाई गई रोक, ब्लैकलिस्ट की तैयारी; जानें क्यों शुरू हुआ विवाद

Thu, 23 Apr 2026 10:06 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 23 Apr 2026 10:06 AM IST
सार

कान्हा गोशाला संचालन में लापरवाही और झूठे आरोपों के मामले में नगर निगम ने शिवांश फाउंडेशन पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोशाला में अनियमितताओं और गोवंश की देखभाल में लापरवाही पाए जाने पर सभी भुगतान रोक दिए गए हैं और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

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Shivansh Foundation Faces Action Over Kanha Gaushala Mismanagement Payments Stopped
आगरा नगर निगम

विस्तार

आगरा में कान्हा गोशाला के संचालन में लापरवाही और अपनी कमियां छिपाने के लिए ''ब्लेम गेम'' खेलना शिवांश फाउंडेशन को भारी पड़ गया। नगर निगम प्रशासन ने संस्था के आरोपों को न केवल निराधार बताया है, बल्कि इसे एक गहरी साजिश करार देते हुए फर्म के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को निगम ने पुलिस को फर्म के खिलाफ सबूत सौंपते हुए फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी भुगतानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
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नरायच स्थित कान्हा गोशाला का संचालन करने वाली संस्था शिवांश फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रेश प्रताप सिंह ने कार्रवाई से बचने के लिए एक नया पैंतरा चला था। उन्होंने नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यशपाल सिंह, गेटमैन और गार्डों पर चोरी-छिपे गाय बेचने और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए थे। नगर निगम की जांच में ये सभी आरोप मनगढ़ंत पाए गए। निगम प्रशासन ने संस्था के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए घटना से संबंधित डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए हैं।
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बेजुबानों को बेसहारा छोड़ भागा संचालक
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि संस्था ने 20 अप्रैल को बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए सुबह सूचना दी और शाम को काम बंद कर दिया। अचानक संचालन बंद होने से गोशाला में संरक्षित सैकड़ों गोवंश के चारे और सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया। इससे पहले भी निरीक्षण के दौरान गोशाला में चारे की भारी कमी, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी जैसी गंभीर खामियां मिली थीं। नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए फर्म के सभी भुगतान रोक दिए हैं। संचालक को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो फर्म को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा।
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लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि गोवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या झूठे आरोपों की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित संस्था ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया है। उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जा रही है और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गोवंश की देखभाल सुनिश्चित की गई है।
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