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Agra News: आगरा सहित देश के 60 वायुसेना स्टेशनों में सेखों हाफ मैराथन आज
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फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह
आगरा। परमवीर चक्र से सम्मानित फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के सम्मान में आगरा सहित देश के 60 वायुसेना स्टेशनों पर सेखों वायुसेना मैराथन रविवार को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर सेखों इंडियन एयरफोर्स मैराथन का शुभारंभ नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से हरी झंडी दिखाकर किया जाएगा। सेखों आगरा के दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र रहे थे।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि पहली बार भारतीय वायुसेना अधिकारी फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के सम्मान में सेखों मैराथन आयोजित किया जा रहा है। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके पराक्रम के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। आगरा में एयर कमोडोर एसके गुप्ता के निर्देशन में मैराथन होगी। यह तीन श्रेणियों में होगी जो 21 किमी, 10 किमी और पांच किमी वर्ग में रखी गई है।
2200 प्रतिभागियों ने कराया है पंजीकरण
आगरा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से यह मैराथन प्रतापपुरा चौराहा से माल रोड होते हुए सर्किट हाउस चौराहा, पुरानी मंडी के ताज मेट्रो स्टेशन, शाहजहां पार्क, झलकारी बाई प्रतिमा, आगरा किला, करियप्पा रोड, माल रोड, प्रतापपुरा चौराहा होते हुए ईदगाह चौराहे तक होगी। मैराथन के लिए 2200 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमताएं बढ़ाएगा, बल्कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को भी श्रद्धांजलि देगा, जिन्होंने श्रीनगर बेस स्टेशन की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में दुश्मन के छह लड़ाकू विमानों का मुकाबला किया था।
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वर्ष 1962 में दयालबाग कॉलेज के रहे थे छात्र
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों ने लुधियाना के पास खालसा हाई स्कूल, अजीतसर मोही में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1962 में आगरा के दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। यहां उन्होंने एयरफोर्स में अपने सपने को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और भारतीय वायुसेना में शामिल हो गए। उन्हें 4 जून 1967 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला। कठोर प्रशिक्षण के बाद निर्मलजीत सिंह अक्टूबर 1968 में फ्लाइंग बुलेट्स के नाम से प्रसिद्ध 18 स्क्वाड्रन में शामिल हुए। वर्ष 1971 के युद्ध में असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
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मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि पहली बार भारतीय वायुसेना अधिकारी फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के सम्मान में सेखों मैराथन आयोजित किया जा रहा है। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके पराक्रम के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। आगरा में एयर कमोडोर एसके गुप्ता के निर्देशन में मैराथन होगी। यह तीन श्रेणियों में होगी जो 21 किमी, 10 किमी और पांच किमी वर्ग में रखी गई है।
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2200 प्रतिभागियों ने कराया है पंजीकरण
आगरा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से यह मैराथन प्रतापपुरा चौराहा से माल रोड होते हुए सर्किट हाउस चौराहा, पुरानी मंडी के ताज मेट्रो स्टेशन, शाहजहां पार्क, झलकारी बाई प्रतिमा, आगरा किला, करियप्पा रोड, माल रोड, प्रतापपुरा चौराहा होते हुए ईदगाह चौराहे तक होगी। मैराथन के लिए 2200 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमताएं बढ़ाएगा, बल्कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को भी श्रद्धांजलि देगा, जिन्होंने श्रीनगर बेस स्टेशन की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में दुश्मन के छह लड़ाकू विमानों का मुकाबला किया था।
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वर्ष 1962 में दयालबाग कॉलेज के रहे थे छात्र
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों ने लुधियाना के पास खालसा हाई स्कूल, अजीतसर मोही में शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1962 में आगरा के दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। यहां उन्होंने एयरफोर्स में अपने सपने को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और भारतीय वायुसेना में शामिल हो गए। उन्हें 4 जून 1967 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला। कठोर प्रशिक्षण के बाद निर्मलजीत सिंह अक्टूबर 1968 में फ्लाइंग बुलेट्स के नाम से प्रसिद्ध 18 स्क्वाड्रन में शामिल हुए। वर्ष 1971 के युद्ध में असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।