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फर्जी मिली 190 फाइलें एसडीएम ने की निरस्त
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भोगांव। एसडीएम ने राष्ट्र्ीय पारिवारिक अनुदान एवं शादी के लिए मिलने वाली 190 फाइलों को फर्जी मानकर निरस्त कर दिया है। एसडीएम ने निरस्त फाइलों को पिछड़ा वर्ग अनुदान कार्यालय एवं समाज कल्याण विभाग को भेजा है। साथ ही इसकी जांच तहसीलदार को सौंपी है।
एसडीएम पीसी आर्य ने बताया कि एके सिंह एडवोकेट ने मूल निवास एवं राष्ट्र्ीय पारिवारिक अनुदान और शादी के लिए मिलने वाली अनुदान फाइलों में घपला होने की शिकायत जुलाई में तत्कालीन डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग से स्वीकृति के लिए लंबित पत्रावलियों को तत्काल समाज कल्याण विभाग व पिछड़ा वर्ग अनुदान कार्यालय से मंगाकर उनकी जांच कराई तो खुलासा हुआ है।
तलब की गई पत्रावलियों में 149 पत्रावलियां शादी की व 41 पत्रावलियां राष्ट्र्ीय पारिवारिक लाभ की फर्जी पाई गई हैं। लेखपाल से लेकर तहसीलदार व उनके कार्यालय तक से फर्जी रिपोर्ट लगाकर स्वीकृति के लिए समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग अनुदान कार्यालय में एक मिलीभगत के तहत लिये भेजा जाता था। फर्जी पत्रावलियों के आधार पर ही अपात्रों को सरकारी धन का बंदरबांट कर दिया जाता था।
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वर्जन-
फर्जीवाड़े की जांच तहसीलदार कमल कुमार सिंह को सौंपी गई है। संलिप्त लोगों की पहचान कर गोपनीय रिपोर्ट कार्यालय में शीघ्र भिजवाने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीसी आर्य, एसडीएम भोगांव
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एसडीएम पीसी आर्य ने बताया कि एके सिंह एडवोकेट ने मूल निवास एवं राष्ट्र्ीय पारिवारिक अनुदान और शादी के लिए मिलने वाली अनुदान फाइलों में घपला होने की शिकायत जुलाई में तत्कालीन डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग से स्वीकृति के लिए लंबित पत्रावलियों को तत्काल समाज कल्याण विभाग व पिछड़ा वर्ग अनुदान कार्यालय से मंगाकर उनकी जांच कराई तो खुलासा हुआ है।
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तलब की गई पत्रावलियों में 149 पत्रावलियां शादी की व 41 पत्रावलियां राष्ट्र्ीय पारिवारिक लाभ की फर्जी पाई गई हैं। लेखपाल से लेकर तहसीलदार व उनके कार्यालय तक से फर्जी रिपोर्ट लगाकर स्वीकृति के लिए समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग अनुदान कार्यालय में एक मिलीभगत के तहत लिये भेजा जाता था। फर्जी पत्रावलियों के आधार पर ही अपात्रों को सरकारी धन का बंदरबांट कर दिया जाता था।
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वर्जन-
फर्जीवाड़े की जांच तहसीलदार कमल कुमार सिंह को सौंपी गई है। संलिप्त लोगों की पहचान कर गोपनीय रिपोर्ट कार्यालय में शीघ्र भिजवाने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीसी आर्य, एसडीएम भोगांव