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Mental Health: स्क्रीन एडिक्शन से थक रहा दिमाग, पढ़ाई-लिखाई में कमजोर हो रहे बच्चे; ये दिए गए सुझाव
Mon, 14 Apr 2025 10:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Apr 2025 10:05 AM IST
सार
आगरा के सिकंदरा-बोदला रोड स्थित फीलिंग माइंड्स के कार्यालय में मेंटल हेल्थ कार्निवाल का शुभारंभ हुआ। इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि स्क्रीन एडिक्शन से दिमाग थक रहा है। इतना ही नहीं बच्चे भी पढ़ाई-लिखाई में कमजोर हो रहे हैं।
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मोबाइल चलाना खतरनाक।
- फोटो : free pic
विस्तार
आगरा के सिकंदरा-बोदला रोड स्थित फीलिंग्स माइंड्स के कार्यालय में मेंटल हेल्थ कार्निवाल में वक्ताओं ने बढ़ते तनाव, अवसाद समेत मानसिक विकार की वजह, दुष्प्रभाव और बचाव पर व्याख्यान दिए। सात दिवसीय सेमिनार के पहले दिन संगीत-नृत्य की भूमिका के बारे में भी बताया।
मुख्य वक्ता कुमायूं विश्वविद्यालय की पूर्व मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. आराधना शुक्ला ने कहा कि बच्चों और किशोरों का स्क्रीन एडिक्शन से दिमाग थक रहा है। इससे सीखने, समझने और याद करने की क्षमता कम हो रही है। युवा मन माफिक वेतन न मिलना, काम का तनाव और दूसरों की बेहतर भौतिक जीवन से तनाव और अवसाद से जूझ रहे हैं।
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मुख्य वक्ता कुमायूं विश्वविद्यालय की पूर्व मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. आराधना शुक्ला ने कहा कि बच्चों और किशोरों का स्क्रीन एडिक्शन से दिमाग थक रहा है। इससे सीखने, समझने और याद करने की क्षमता कम हो रही है। युवा मन माफिक वेतन न मिलना, काम का तनाव और दूसरों की बेहतर भौतिक जीवन से तनाव और अवसाद से जूझ रहे हैं।
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संस्था निदेशक डॉ. चीनू अग्रवाल ने इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के दुरुपयोग से निर्भरता बढ़ती है और फिर उसकी लत लगती है। इससे अनिंद्रा, गुस्सा अधिक आना, तनाव समेत अन्य परेशानियां बढ़ने लगती हैं। पुणे की तनु गजबी ने तनाव से बचने के लिए नृत्य-संगीत थेरेपी के बारे में बताया। मुख्य अतिथि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बढ़ते मानसिक विकाराें के लिए संयुक्त परिवार की कमी और भौतिकवाद को बड़ी वजह बताया। कार्यक्रम में डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. रविंद्र अग्रवाल, आलोक कुलश्रेष्ठ, कविता कुलश्रेष्ठ, हेतल देसाई, पूजा गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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ये दिए सुझाव :
- जरूरी कार्य के लिए ही इलेक्ट्रोनिक उपकरणों का उपयोग करें
- नियमित योग, ध्यान, व्यायाम और सुपाच्य-पौष्टिक भोजन करें
- बच्चों-किशोरों की मोबाइल-टीवी, कैलकुलेटर पर निर्भरता कम करें
- तनाव से बचने के लिए पेंटिंग, कविता लेखन समेत अपनी हॉबी पूरा करें
- जरूरी कार्य के लिए ही इलेक्ट्रोनिक उपकरणों का उपयोग करें
- नियमित योग, ध्यान, व्यायाम और सुपाच्य-पौष्टिक भोजन करें
- बच्चों-किशोरों की मोबाइल-टीवी, कैलकुलेटर पर निर्भरता कम करें
- तनाव से बचने के लिए पेंटिंग, कविता लेखन समेत अपनी हॉबी पूरा करें