Shani Margi 2021: आज से शनि चलेंगे सीधी चाल, जानिए सभी राशियों पर कैसा होगा असर
न्याय के देवता शनि पिछले 141 दिनों से वक्री अवस्था में चल रहे थे। यानी उल्टी चाल से चल रहे थे। शनि 11 अक्तूबर सोमवार से मकर में मार्गी होंगे और सात माह यानी 29 अप्रैल 2022 तक मकर में ही सीधी चाल से चलेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। इनकी अनुकूलता रंक से राजा व प्रतिकूलता राजा से रंक बनाती है। तीस माह तक एक राशि में गोचर करते हैं। बारह राशियों का चक्कर तीस वर्षों में पूर्ण करते हैं। शनि देव की चाल के बदलने व राशि परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जाता है। ये कर्म के अनुसार दंड देते हैं। ये तुला राशि में उच्च के तो मेष में नीच के होते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि शनि देव सोमवार प्रातः 7.48 बजे अपनी स्वयं की राशि मकर में मार्गी होंगे। और शनि की साढ़ेसाती व ढय्या से प्रभावित राशियों को राहत प्रदान करेंगे। धनु राशि के जातकों को साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत प्राप्त होगी। वहीं मीन राशि के जातक साढ़ेसाती से प्रभावित होंगे।
इन राशियों पर होगा प्रभाव
इसी प्रकार मिथुन व तुला राशि के जातकों को ढैय्या के प्रभाव से राहत प्राप्त होगी। वहीं कर्क वृश्चिक राशि के जातक ढैय्या शनि के प्रभाव में होंगे। वृषभ व सिंह राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ेगी व उनके जीवन मे उथल पुथल मचेगी। धनु राशि के जातकों के लिए राहत भरी खबर है कि उनके अच्छे दिन प्रारम्भ हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार मीन राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। मकर व कुम्भ ये दोनों स्वयं शनि की राशियां है, जो साढ़ेसाती के प्रभाव में है किन्तु न्याय के देवता के मार्गी होने से इन्हें राहत मिलेगी। मेष व कन्या राशि के जातकों को मिले जुले प्रभाव प्राप्त होंगे। इस प्रकार विभिन्न बारह राशियों पर शनि के मार्गी होने पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे।
ऐसे करें शनि को प्रसन्न
पंचांगों के अनुसार शनि जनवरी 2023 में कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शनि की कृपादृष्टि व अनुकूलता के लिए गरीबों की सहायता करें। अन्याय व भ्रष्टाचार से बचे। हनुमद आराधना करें। पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। शनि मंत्र का जप करें। शनिवार व मंगलवार को शनि मंदिर व हनुमानमंदिर में दीपदान करें। काली वस्तुओं का जरूरतमंदों को दान करें।