Agra: 35 लाख रुपये की देनदारी से बचने के लिए सराफ ने रचा अपहरण का ड्रामा, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
आगरा के सराफ को अपने अपहरण का ड्रामा रचना महंगा पड़ गया। पुलिस ने उसके विरुद्ध गुमराह करने का मुकदमा दर्ज किया है।
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आगरा में अपहरण का नाटक रचने वाले सराफ छदामी लाल वर्मा के खिलाफ पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। सराफ पर 35 लाख रुपये की देनदारी थी, जिससे बचने के लिए उसने यह ड्रामा किया था। पुलिस ने शनिवार रात सराफ को मध्य प्रदेश के छतरपुर से बरामद कर लिया। उससे पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
शहर के घटिया आजम खां निवासी छदामी लाल वर्मा की इरादतनगर के बृथला में दुकान है। वह शुक्रवार शाम को बाइक से घर आ रहा था। उसने शाम तकरीबन 7:32 बजे अपने भाई को फोन किया था। 51 सेकंड की बातचीत में बताया कि उनको बदमाशों ने घेर लिया है। खींचकर ले जा रहे हैं। वह कटी पुल पर हैं। परिजनों के पहुंचने पर पुल के पास उसकी बाइक, जूते और बैग मिला था। मोबाइल बंद हो गया था।
बरामदगी में लगी थीं पुलिस की छह टीमें
सराफ के अपहरण की सूचना पर पुलिस की छह टीमें सराफ की बरामदगी में जुटी। सर्विलांस से लोकेशन मिलने के बाद पुलिस की टीमें ग्वालियर, झांसी और बाद में छतरपुर पहुंची। छतरपुर के ही एक मंदिर से सराफ छदामीलाल पुलिस को मिल गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उस पर बाजार के कई लोगों का लगभग 35 लाख रुपये उधार हो गया था। देनदारी से बचने के लिए उसने खुद के अपहरण का नाटक रचा था।
शुक्रवार को कटी पुल के पास बाइक और अन्य सामान छोड़कर बस से निकल गया था। अपने फोन से ही भाई को अपहरण का झूठी सूचना दी। फिरौती के मैसेज किए थे। इसके बाद मोबाइल बंद कर लिया। सराफ की तलाश में जुटी पुलिस पहला सुराग झांसी रेलवे स्टेशन के फुटेज से मिला, जिसमें सराफ स्टेशन पर टहलते दिखाई दे रहा था। इसके बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में सराफ को छतरपुर से बरामद कर लिया और आगरा ले आई।