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जानलेवा कफ सिरप: बिक्री में 30 फीसदी तक आई कमी..जागरूक हो रहे अभिभावक, चिकित्सकों से ले रहे परामर्श
Wed, 08 Oct 2025 11:55 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 08 Oct 2025 11:55 PM IST
सार
कफ सिरप कांड से अभिभावक सचेत हुए हैं। चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा खरीद रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालक भी लोगों को चिकित्सक का पर्चा देखकर ही कफ सिरप दे रहे हैं।
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खांसी सिरप (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजस्थान, मध्यप्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद अभिभावकों में जुकाम-खांसी होने पर भी चिकित्सकीय परामर्श लेने की जागरूकता बढ़ी है। इससे सीधे मेडिकल स्टोरों से कफ सिरप खरीदने में 30 फीसदी तक की कमी आई है।
आगरा फार्मा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा ने बताया कि बच्चों की मौत से परिजनों में डर के साथ जागरूकता भी देखने मिल रही है। पहले खांसी पर सीधे ही मेडिकल स्टोरों से कफ सिरप खरीदकर पिला देते थे। इससे लोग बच रहे हैं। बीते कुछ दिनों से ऐसे ग्राहकों में 20-30 फीसदी की कमी आई है।
आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि कई ऐसे भी लोग रहे, जिनके घर कफ सिरप रखे थे, उनको नष्ट कर दिया है। आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने बताया कि कफ सिरप कांड से अभिभावक सचेत हुए हैं। मेडिकल स्टोर संचालक भी लोगों को चिकित्सक का पर्चा देखकर ही कफ सिरप दे रहे हैं।
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आगरा फार्मा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा ने बताया कि बच्चों की मौत से परिजनों में डर के साथ जागरूकता भी देखने मिल रही है। पहले खांसी पर सीधे ही मेडिकल स्टोरों से कफ सिरप खरीदकर पिला देते थे। इससे लोग बच रहे हैं। बीते कुछ दिनों से ऐसे ग्राहकों में 20-30 फीसदी की कमी आई है।
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आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि कई ऐसे भी लोग रहे, जिनके घर कफ सिरप रखे थे, उनको नष्ट कर दिया है। आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने बताया कि कफ सिरप कांड से अभिभावक सचेत हुए हैं। मेडिकल स्टोर संचालक भी लोगों को चिकित्सक का पर्चा देखकर ही कफ सिरप दे रहे हैं।
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इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल और सचिव डॉ. राहुल पेंगोरिया ने बताया कि कई बार ओवरडोज से बच्चों की हालत बिगड़ जाती है। ओपीडी में बीमार बच्चों को लेकर आने वाले परिजन अब कफ सिरप के बारे में ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। घर में रखे सिरप भी इस्तेमाल करने से पहले कई लोग दिखाने आए।
न माने तो लाइसेंस होगा निलंबित
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि डॉक्टरी पर्चे पर ही कफ सिरप की बिक्री की जाए। इसमें डॉक्टर का नाम, मरीज का नाम समेत अन्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। ऐसा न करने पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। पांच साल तक के बच्चे को कफ सिरप पिलाने की जरूरत नहीं है। अभिभावक घर में रखे सिरप को खुद ही बच्चों को न दें। परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं। वैध मेडिकल स्टोर से ही सिरप खरीदें और इसका बिल जरूर लें। खरीदते वक्त सिरप और बिल पर लिखे बैच नंबर का मिलान जरूर कर लें।
न माने तो लाइसेंस होगा निलंबित
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि डॉक्टरी पर्चे पर ही कफ सिरप की बिक्री की जाए। इसमें डॉक्टर का नाम, मरीज का नाम समेत अन्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। ऐसा न करने पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। पांच साल तक के बच्चे को कफ सिरप पिलाने की जरूरत नहीं है। अभिभावक घर में रखे सिरप को खुद ही बच्चों को न दें। परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं। वैध मेडिकल स्टोर से ही सिरप खरीदें और इसका बिल जरूर लें। खरीदते वक्त सिरप और बिल पर लिखे बैच नंबर का मिलान जरूर कर लें।