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यूपी: ...जहां सचिन और गावस्कर ने लगाए थे चौके छक्के, उस स्टेडियम का हाल देखकर रह जाएंगे हैरान
Sat, 06 Apr 2024 02:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 06 Apr 2024 02:31 PM IST
सार
एकलव्य स्टेडियम में क्रिकेट के भगवान कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर सहित कई मशहूर बल्लेबाजों ने चौके छक्कों से दर्शकों का मनोरंजन किया। आज ये स्टेडियम अपनी दुर्दशा पर रो रहा है।
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एकलव्य स्टेडियम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा जिले के जिस स्टेडियम में क्रिकेट के भगवान कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, विनोद कांबली ने चौके छक्के लगाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। आज वह स्टेडियम अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पिछले 20 साल से स्टेडियम की मरंमत का कार्य नहीं हुआ है।
हम बात कर रहे हैं जिले एकलव्य स्टेडियम की। यहां 90 के दशक में अखिल भारतीय शहीद स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में देश के दिग्गज क्रिकेटर खेल चुके हैं। इन्हें खेलता देखने के लिए स्टेडियम में हजारों की भीड़ एकत्रित हो जाती थी, लेकिन आज यदि स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय क्रिकेट मैच करा दिया जाए तो यहां दर्शकों को बैठने के लिए स्थान भी मुहैया नहीं हो पाएगा।
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हम बात कर रहे हैं जिले एकलव्य स्टेडियम की। यहां 90 के दशक में अखिल भारतीय शहीद स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में देश के दिग्गज क्रिकेटर खेल चुके हैं। इन्हें खेलता देखने के लिए स्टेडियम में हजारों की भीड़ एकत्रित हो जाती थी, लेकिन आज यदि स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय क्रिकेट मैच करा दिया जाए तो यहां दर्शकों को बैठने के लिए स्थान भी मुहैया नहीं हो पाएगा।
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क्रिकेट समेत बालीबाल का पवेलियन (दर्शकों के बैठने का स्थान) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि दर्शकों के बैठने वाले स्थान पर इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि नजर चूकते ही जान जाने की नौबत आ सकती है। पवेलियन के ऊपर बड़ी टिनशेड खस्ता हालात में है। स्टेडियम के आफिस के बाहर लगी टाइल्स उखड़ चुकी हैं। स्टेडियम के टीटी हॉल की भी हालत कुछ इसी प्रकार की है। स्टेडियम की दीवार का जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ा हुआ है। इसका असर प्रतियोगिताओं पर भी असर पड़ता है। प्रतियोगिता खेलते के लिए बाहर से आने वाले खिलाड़ी स्टेडियम की दशा देखकर चौंक जाते हैं।
स्टेडियम के निर्माण की नहीं है जानकारी
एकलव्य स्टेडियम का इतिहास काफी पुराना है। इसका निर्माण कब हुआ इसकी ठीक ठाक जानकारी तो किसी को नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि 1974 में खेल विभाग की स्थापना से पहले स्टेडियम बना हुआ था। स्टेडियम के निर्माण को लेकर लोग तरह-तरह की बातें भी कहते हैं। कोई कहता है कि इसका उद्घाटन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने किया था, लेकिन इसको प्रमाणित करने वाली कोई शिला पट्टिका स्टेडियम में नहीं लगी है।
एकलव्य स्टेडियम का इतिहास काफी पुराना है। इसका निर्माण कब हुआ इसकी ठीक ठाक जानकारी तो किसी को नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि 1974 में खेल विभाग की स्थापना से पहले स्टेडियम बना हुआ था। स्टेडियम के निर्माण को लेकर लोग तरह-तरह की बातें भी कहते हैं। कोई कहता है कि इसका उद्घाटन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने किया था, लेकिन इसको प्रमाणित करने वाली कोई शिला पट्टिका स्टेडियम में नहीं लगी है।
दिग्गज खिलाड़ियों ने किया है स्टेडियम में अभ्यास
एकलव्य स्टेडियम ने देश को बड़े-बड़े खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से कुछ रिटायर हो चुके हैं तो कुछ अभी भी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इंडिया महिला टीम की चेयरपर्सन हेमलता काला, महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, पूनम यादव, पूर्व हॉकी टीम के कप्तान जगबीर सिंह, एशियाई स्वर्ण पदक विजेता स्व. अजीत भदौरिया, एथलेटिक्स के लौहपुरुष विजय सिंह चौहान ने अपने कैरियर की शुरुआत इसी मैदान से की। लोगों का कहना तो यहां तक कि विश्व विजेता दारा सिंह पहलवान स्टेडियम के अखाड़े में कुश्ती लड़ चुके हैं, लेकिन इसका भी कोई साक्ष्य नहीं है।
एकलव्य स्टेडियम ने देश को बड़े-बड़े खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से कुछ रिटायर हो चुके हैं तो कुछ अभी भी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इंडिया महिला टीम की चेयरपर्सन हेमलता काला, महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, पूनम यादव, पूर्व हॉकी टीम के कप्तान जगबीर सिंह, एशियाई स्वर्ण पदक विजेता स्व. अजीत भदौरिया, एथलेटिक्स के लौहपुरुष विजय सिंह चौहान ने अपने कैरियर की शुरुआत इसी मैदान से की। लोगों का कहना तो यहां तक कि विश्व विजेता दारा सिंह पहलवान स्टेडियम के अखाड़े में कुश्ती लड़ चुके हैं, लेकिन इसका भी कोई साक्ष्य नहीं है।
1997 में मिला था मेजबानी का मौका
1997 में स्टेडियम में हीरो होंडा महिला विश्व कप में नीदरलैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मैच की मेजबानी का मौका मिला, लेकिन वह मैच रद्द हो गया।
1997 में स्टेडियम में हीरो होंडा महिला विश्व कप में नीदरलैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मैच की मेजबानी का मौका मिला, लेकिन वह मैच रद्द हो गया।
ये कहना है क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी का
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुनील चंद्र जोशी ने बताया कि स्टेडियम की रंगाई पुताई का कार्य वर्ष 2019-20 में हुआ था। वर्तमान में रंगाई पुताई के साथ मरंमत की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए 10 करोड़ का बजट खेल मंत्रालय से मांगा है। बजट मिलने के कार्य मरंमत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुनील चंद्र जोशी ने बताया कि स्टेडियम की रंगाई पुताई का कार्य वर्ष 2019-20 में हुआ था। वर्तमान में रंगाई पुताई के साथ मरंमत की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए 10 करोड़ का बजट खेल मंत्रालय से मांगा है। बजट मिलने के कार्य मरंमत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।