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उज्ज्वल भारत: आगरा के लड़ामदा ने दिखाई थी देश के गांवों को 'रोशनी' की राह, नेहरू संग आए थे अमेरिकी राष्ट्रपति

Sun, 31 Jul 2022 05:46 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 31 Jul 2022 05:46 AM IST
सार

बिजली के जरिए विकास की यात्रा की सबसे पहली रोशनी आगरा के गांव लड़ामदा ने पूरे देश को दिखाई थी। 13 दिसंबर 1959 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डेविड आइजनहॉवर के साथ प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बिचपुरी ब्लॉक के गांव लड़ामदा में ग्रामीण विद्युतीकरण की घोषणा की थी। 

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Rural electrification scheme started from Ladamda village of Agra in 1959
लड़ामदा गांव में तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू साथ में अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

आजादी के अमृत महोत्सव में उज्ज्वल भारत सप्ताह हर जिले में मनाया जा रहा है। बिजली के जरिए विकास की यात्रा की सबसे पहली रोशनी आगरा के गांव लड़ामदा ने पूरे देश को दिखाई थी। 13 दिसंबर 1959 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डेविड आइजनहॉवर के साथ प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बिचपुरी ब्लॉक के गांव लड़ामदा में ग्रामीण विद्युतीकरण की घोषणा की थी, जिसके लिए अमेरिकी सरकार ने सहयोग का वादा किया। पीएल-480 योजना के तहत अमेरिकी सरकार के सहयोग से लड़ामदा गांव देश का पहला गांव बना, जहां सबसे पहले बिजली पहुंची।

पहला आदर्श गांव भी, जहां हर गली पक्की

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ताजमहल देखने के बाद दोपहर में लड़ामदा गांव में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के साथ खुली कार में पहुंचे थे, जहां उन्होंने पंचायतघर, तालाब, स्कूल और महिलाओं से वार्ता की थी। यह पहला आदर्श गांव बनाया गया था। 

Rural electrification scheme started from Ladamda village of Agra in 1959
1959 में लड़ामदा गांव में नेहरू संग आए थे अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

अमेरिकी राष्ट्रपति का एक दिसंबर को आगरा के लड़ामदा का कार्यक्रम दिल्ली ने तय कर दिया था, जिसके बाद 13 दिनों में प्रदेश सरकार ने दिन रात लगकर गांव की तस्वीर बदल दी। यहां पंचायतघर और गांव की हर गली को पक्का किया गया। 150 मीटर तक यहां आइजनहॉवर पैदल चले और लोगों से बात की थी।

Rural electrification scheme started from Ladamda village of Agra in 1959
लड़ामदा गांव में तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू साथ में अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

याद हैं अमेरिकी राष्ट्रपति के शब्द

आइजनहॉवर ऐसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे जो भारत पहली बार आए थे। उनकी इस यात्रा में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने दिल्ली से आगरा तक खुद अगवानी की और उनके साथ साथ बने रहे। ग्रामीणों से सीधे वार्ता में तब अमेरिकी राष्ट्रपति के शब्द लोगों को अब भी याद हैं। उन्होंने कहा था कि मैं भी किसान का बेटा हूं...आपके सत्कार को देखकर मुझे अपने गांव की याद आ गई, जब मैं व्हाइट हाउस में नहीं होता हूं तब मैं अपने गांव में होता हूं और मिट्टी के करीब होता हूं। 
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Rural electrification scheme started from Ladamda village of Agra in 1959
लड़ामदा गांव में तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू साथ में अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला

मैं पिता समान, यह सुनकर घूंघट हटाया

लड़ामदा गांव के गजेंद्र ठाकुर के मुताबिक उनके पिता बताते थे कि पंडित नेहरू के साथ जब आइजनहॉवर खुली जीप में आकर उतरे और पैदल पंचायत भवन तक आए, तब महिलाएं घूंघट में थीं। इस पर पंडित नेहरू ने कहा कि वह उनके पिता समान हैं। यह सुनकर महिलाओं ने घूंघट हटाकर बात की।
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Rural electrification scheme started from Ladamda village of Agra in 1959
ताजमहल में तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू साथ में अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला
सिविल सोसायटी के राजीव सक्सेना ने बताया कि आगरा का लड़ामदा देश का पहला गांव है, जहां से ग्रामीण विद्युतीकरण की घोषणा और शुरुआत हुई। अमेरिकी सरकार केसहयोग से चली विद्युतीकरण की योजना का पहला काम यहीं हुआ। यह पहला गांव था, जिसकी सभी सड़कें तब पक्की थीं।
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