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हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने बढ़ाया ब्लड प्रेशर, हृदयाघात का खतरा भी बढ़ा, बरतें ये सावधानियां
Sat, 21 Dec 2019 04:28 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 21 Dec 2019 04:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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तापमान कम होने से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के मरीजों में लकवा और हृदयाघात का खतरा तीन गुना तक बढ़ गया है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सकों के पास ऐेसे मरीजों की संख्या 25-30 फीसदी तक बढ़ गई है।
एसएन के हृदय रोग विभाग की ओपीडी में 10 दिनों से 120-150 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें से पांच से सात मरीज हार्ट अटैक के रहते भर्ती करने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञ डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि सर्दी में धमनियों के सिकुड़ने से शरीर में रक्त का संचार प्रभावित होने से हृदयाघात का खतरा तीन गुना तक बढ़ा है।
ओपीडी में आने वाले मरीजों का ब्लडप्रेशर बढ़ा हुआ मिल रहा है। ऐसे भी मरीज हैं जिन्होंने दवाएं बंद कर दीं, जिससे मर्ज और बढ़ गई। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि हृदय और उच्च रक्तचाप के मरीजों में बुजुर्ग मरीजों की संख्या 55-65 फीसदी है। मधुमेह, ब्लडप्रेशर की बीमारी होने के साथ हार्ट फेल के मरीज भी बढ़ गए हैं।
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एसएन के हृदय रोग विभाग की ओपीडी में 10 दिनों से 120-150 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें से पांच से सात मरीज हार्ट अटैक के रहते भर्ती करने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञ डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि सर्दी में धमनियों के सिकुड़ने से शरीर में रक्त का संचार प्रभावित होने से हृदयाघात का खतरा तीन गुना तक बढ़ा है।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों का ब्लडप्रेशर बढ़ा हुआ मिल रहा है। ऐसे भी मरीज हैं जिन्होंने दवाएं बंद कर दीं, जिससे मर्ज और बढ़ गई। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि हृदय और उच्च रक्तचाप के मरीजों में बुजुर्ग मरीजों की संख्या 55-65 फीसदी है। मधुमेह, ब्लडप्रेशर की बीमारी होने के साथ हार्ट फेल के मरीज भी बढ़ गए हैं।
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बुखार-जुकाम के साथ सिर में हो रहा दर्द
एसएन की ओपीडी में आने वाले हर दूसरे मरीज को बुखार, जुकाम-खांसी और निमोनिया की परेशानी मिल रही है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने बताया कि पारा कम होने से मरीज बुखार के साथ सिर-कॉर्नियां में दर्द की शिकायत भी कर रहे हैं।
बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि बच्चों में गंभीर निमोनिया मिल रहा है। रोजाना ओपीडी में 30-45 बच्चों को परेशानी मिल रही है, जिसमें से 15-20 भर्ती करने पड़ रहे हैं।
बरतें ये सावधानी
- गुनगुना पानी पिएं, ओवर ईटिंग से बचें।
- धूप निकलने के बाद ही टहलने निकलें।
- गर्म तासीर की खाद्य सामग्री का सेवन करें।
- बीपी और हृदय रोगी दवाएं बंद न करें।
- चिकनाईयुक्त भोजन से मरीज बचें।
बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि बच्चों में गंभीर निमोनिया मिल रहा है। रोजाना ओपीडी में 30-45 बच्चों को परेशानी मिल रही है, जिसमें से 15-20 भर्ती करने पड़ रहे हैं।
बरतें ये सावधानी
- गुनगुना पानी पिएं, ओवर ईटिंग से बचें।
- धूप निकलने के बाद ही टहलने निकलें।
- गर्म तासीर की खाद्य सामग्री का सेवन करें।
- बीपी और हृदय रोगी दवाएं बंद न करें।
- चिकनाईयुक्त भोजन से मरीज बचें।
रात को गुड़ के साथ दूध पीएं: डॉ. जेके राना
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. जेके राना ने सर्दी में बचाव के लिए देसी तरीका अपनाने पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि रात को सोने से पहले गुड़ के साथ दूध पीना बेहद फायदेमंद है।
चाय बनाते समय उसमें तुलसी, अदरक और लौंग डाल सकते हैं। अदरक को शहद के साथ लें, गुनगुने पानी से एक चम्मच सौंठ रोज ले सकते हैं। नाक बह रही है और सीने में जकड़न है तो भाप लेने से तत्काल आराम मिलेगा।
चाय बनाते समय उसमें तुलसी, अदरक और लौंग डाल सकते हैं। अदरक को शहद के साथ लें, गुनगुने पानी से एक चम्मच सौंठ रोज ले सकते हैं। नाक बह रही है और सीने में जकड़न है तो भाप लेने से तत्काल आराम मिलेगा।