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Agra News: गेहूंं की थ्रेशिंग से बढ़ रहे सांस के रोगी
Thu, 02 May 2024 03:49 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 02 May 2024 03:49 AM IST
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फोटो 04,05,06,07
-बच्चों को भी हो रही सांस लेने में दिक्कत की शिकायत
-तीन दिन में दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे जिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। गेहूं की थ्रेशिंग से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। बीते तीन दिन में सांस लेने में दिक्कत होने के चलते 218 मरीज जिला अस्पताल में आ चुके हैं। इनमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई के साथ ही थ्रेशिंग का काम भी तेज हो गया है। किसान फसल की कटाई का काम लगभग पूरा कर चुका है। लाक सूखने के बाद अब फसल की थ्रेशिंग पर किसान का ध्यान है। गांव गा-व हो रही थ्रेशिंग ने सांस रोगियों की तो दिक्कत बढ़ाई ही हैं साथ ही अन्य लोगों के सामने भी सांस की समस्या हो रही है। बच्चे तक सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गेहूं की कटाई के साथ खरपतवार भी कट जाते हैं। थ्रेशिंग के बाद फंगल, वैक्टीरिया हवा के साथ वातावरण में फैल जाते हैं। जो धीरे-धीरे मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर एलर्जी करते हैं। जिससे सांस में दिक्कत होने लगती है।
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-बच्चों को भी हो रही सांस लेने में दिक्कत की शिकायत
-तीन दिन में दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे जिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। गेहूं की थ्रेशिंग से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। बीते तीन दिन में सांस लेने में दिक्कत होने के चलते 218 मरीज जिला अस्पताल में आ चुके हैं। इनमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई के साथ ही थ्रेशिंग का काम भी तेज हो गया है। किसान फसल की कटाई का काम लगभग पूरा कर चुका है। लाक सूखने के बाद अब फसल की थ्रेशिंग पर किसान का ध्यान है। गांव गा-व हो रही थ्रेशिंग ने सांस रोगियों की तो दिक्कत बढ़ाई ही हैं साथ ही अन्य लोगों के सामने भी सांस की समस्या हो रही है। बच्चे तक सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गेहूं की कटाई के साथ खरपतवार भी कट जाते हैं। थ्रेशिंग के बाद फंगल, वैक्टीरिया हवा के साथ वातावरण में फैल जाते हैं। जो धीरे-धीरे मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर एलर्जी करते हैं। जिससे सांस में दिक्कत होने लगती है।