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Agra News: आरक्षण ने 9 अध्यक्षों को निकाय चुनाव लड़ने का फिर दिया मौका
Mon, 10 Apr 2023 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 10 Apr 2023 11:25 PM IST
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कासगंज। जिले में 2017 के चुनाव से पांच सीटों के आरक्षण में भले ही बदलाव हो गया हो, लेकिन इस बदलाव के बाद भी जिले के 9 निकाय अध्यक्ष चुनाव लड़ सकते हैं। पटियाली पर ही बदलाव का असर पड़ा है। पटियाली की निवर्तमान अध्यक्ष बिना लड़े ही चुनाव मैदान से बाहर हो गई हैं।
जिले की दो नगर पालिकाओं का आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। कासगंज नगर पालिका पालिका पहले की तरह ही महिला के हिस्से में आई है। जिससे इस निकाय की निवर्तमान अध्यक्ष रजनी साहू के चुनाव मैदान में उतरने का रास्ता साफ हो गया। सोरोंंजी नगर पालिका से वर्तमान में भाजपा की मुन्नीदेवी अध्यक्ष हैं। यह सीट एससी महिला के लिए आरक्षित होने से भाजपा की मुन्नीदेवी अध्यक्ष चुनी गई। अब यह सीट अनारक्षित हो गई है। यदि पार्टी उन पर भरोसा करती है तो वे फिर से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। गंजडुंडवारा सीट के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह सीट पिछले चुनाव की तरह ही अनारक्षित है। इस सीट से भाजपा के संजीव महाजन अध्यक्ष चुने गए। वह फिर से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
नगर पंचायत सहावर पिछले चुनाव की तरह ही महिला के हिस्से में आई है। इससे निर्दलीय अध्यक्ष चुनी गई जाहिदा सुल्तान की राह आसान हो गई है। सिढपुरा की सीट महिला के स्थान पर अनारक्षित हुई है। इस सीट पर भाजपा की कंचन गुप्ता अध्यक्ष बनीं। वह भी इस सीट से फिर से चुनाव लड़ सकेंगी। भरगैन सीट महिला के स्थान पर अनारक्षित हो गई है। इस सीट से सपा से जैतून बेगम चुनाव जीती थी। इनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। मोहनपुर की सीट पिछले चुनाव की तरह ही अनारक्षित है। इस सीट पर दो बार से बसपा के सुभाष शाक्य का कब्जा है। वह फिर से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। अमांपुर पहले की तरह अनारक्षित है। यहां सें बसपा के चांद अली अध्यक्ष चुने गए। इसलिए उनको फिर से चुनाव लड़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। बिलराम सीट एससी के खाते में होने से सपा की ज्योति अध्यक्ष बनी। यह सीट इस बार एससी महिला के हिस्से में आई है। वह भी चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। पटियाली नगर पंचायत सीट पिछले चुनाव में अनारक्षित रहने से निर्दलीय शशि मिश्रा अध्यक्ष चुनी गई। इस बार यह सीट ओबीसी महिला के खाते में आई है। वह यह चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।
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जिले की दो नगर पालिकाओं का आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। कासगंज नगर पालिका पालिका पहले की तरह ही महिला के हिस्से में आई है। जिससे इस निकाय की निवर्तमान अध्यक्ष रजनी साहू के चुनाव मैदान में उतरने का रास्ता साफ हो गया। सोरोंंजी नगर पालिका से वर्तमान में भाजपा की मुन्नीदेवी अध्यक्ष हैं। यह सीट एससी महिला के लिए आरक्षित होने से भाजपा की मुन्नीदेवी अध्यक्ष चुनी गई। अब यह सीट अनारक्षित हो गई है। यदि पार्टी उन पर भरोसा करती है तो वे फिर से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। गंजडुंडवारा सीट के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह सीट पिछले चुनाव की तरह ही अनारक्षित है। इस सीट से भाजपा के संजीव महाजन अध्यक्ष चुने गए। वह फिर से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
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नगर पंचायत सहावर पिछले चुनाव की तरह ही महिला के हिस्से में आई है। इससे निर्दलीय अध्यक्ष चुनी गई जाहिदा सुल्तान की राह आसान हो गई है। सिढपुरा की सीट महिला के स्थान पर अनारक्षित हुई है। इस सीट पर भाजपा की कंचन गुप्ता अध्यक्ष बनीं। वह भी इस सीट से फिर से चुनाव लड़ सकेंगी। भरगैन सीट महिला के स्थान पर अनारक्षित हो गई है। इस सीट से सपा से जैतून बेगम चुनाव जीती थी। इनके फिर से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। मोहनपुर की सीट पिछले चुनाव की तरह ही अनारक्षित है। इस सीट पर दो बार से बसपा के सुभाष शाक्य का कब्जा है। वह फिर से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। अमांपुर पहले की तरह अनारक्षित है। यहां सें बसपा के चांद अली अध्यक्ष चुने गए। इसलिए उनको फिर से चुनाव लड़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। बिलराम सीट एससी के खाते में होने से सपा की ज्योति अध्यक्ष बनी। यह सीट इस बार एससी महिला के हिस्से में आई है। वह भी चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। पटियाली नगर पंचायत सीट पिछले चुनाव में अनारक्षित रहने से निर्दलीय शशि मिश्रा अध्यक्ष चुनी गई। इस बार यह सीट ओबीसी महिला के खाते में आई है। वह यह चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।
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