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तीन माह राशन न लेने पर फिर 12 हजार राशन कार्ड निरस्त
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मैनपुरी। गरीब के मुंह तक निवाला पहुंचाने के लिए पूर्ति विभाग लगातार सख्ती कर रहा है। इसी कड़ी में तीन माह से राशन न लेने वाले 12 हजार राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। ये पहली बार नहीं हुआ जबकि इससे पहले भी जून में हजारों राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया था।
पूर्ति विभाग राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। लगातार राशन कार्ड धारकों की जांच कर राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। पहले जहां गैर जनपदों में रहने वाले हजारों लोगों के राशन कार्ड निरस्त हुए तो अब तीन माह से राशन न लेने वाले कार्ड निरस्त करने का सिलसिला चल निकला है।
नवंबर माह में राशन वितरण की रिपोर्ट के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी ने लगभग 20 हजार ऐसे राशनकार्ड धारकों की जांच कराई थी, जिन्होंने तीन माह से राशन नहीं लिया था। पूर्ति निरीक्षकों की रिपोर्ट में ये पता चला कि इन राशन कार्ड धारकों की या तो मृत्यु हो चुकी है या वे पलायन कर गए हैं। इसी रिपोर्ट पहर जिला पूर्ति अधिकारी यूआर खान ने जिले में 12327 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड निरस्त कर दिए। कार्ड निरस्त होने के बाद डीलरों और लोगों में हड़कंप मच गया है।
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आखिर क्यों निरस्त हुए कार्ड
पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर तीन माह से राशन नहीं लिया गया तो उनका कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का मानना है जिन लोगों ने लगातार तीन माह से राशन नहीं लिया है या तो उनके राशन कार्ड फर्जी हैं या फिर वे कहीं दूसरी जगह जाकर बस गए हैं। ऐसे में अगर उनके राशन कार्ड बने रहेंगे तो कोटा डीलर फर्जीवाड़ा करता रहेगा।
50 लाख का बचेगा राशन और तेल
जिले में 12327 हजार राशन कार्ड कम हो जाने से खजाने पर बोझ काफी कम हो जाएगा। बताते चलें कि एक राशन कार्ड पर औसतन चार से पांच यूनिट होते हैं। प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं, दो किलो चावल और दो लीटर केरोसिन मिलता है। ऐसे में अगर इनका कुल आंकलन करें तो प्रत्येक माह लगभग 50 लाख रुपये का प्रशासन पर बोझ कम पड़ेगा।
प्रॉक्सी से राशन लेने वाले 432 कार्ड भी निरस्त
इनके अलावा जिले में 432 अन्य राशन कार्ड भी पूर्ति विभाग ने निरस्त किए हैं। ये वे राशन कार्ड हैं जो लगातार बीते तीन माह से बिना अंगूठा लगाए ही राशन प्राप्त कर रहे थे। कई बार कहने के बाद भी उन्होंने अपने आधार से बायोमेट्रिक लिंक नहीं कराया। इसे अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की गई है।
हाईलाइटर्स
-694 हैं ग्रामीण राशन की दुकानें
-106 हैं शहरी राशन की दुकानें
-2.37 लाख बचे हैं पात्र गृहस्थी कार्ड
-45894 हैं अन्त्योदय कार्ड
-9.50 लाख हैं कुल यूनिट
शासन के आदेश पर लगातार तीन माह तक राशन न लेने वालों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। आगे भी जांच चल रही है है तो भी ऐसे मामले मिलेंगे उनमें कार्ड निरस्त किए जाएंगे। सभी कार्डधारक नियमित राशन लेते रहें।
यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।
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पूर्ति विभाग राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। लगातार राशन कार्ड धारकों की जांच कर राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। पहले जहां गैर जनपदों में रहने वाले हजारों लोगों के राशन कार्ड निरस्त हुए तो अब तीन माह से राशन न लेने वाले कार्ड निरस्त करने का सिलसिला चल निकला है।
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नवंबर माह में राशन वितरण की रिपोर्ट के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी ने लगभग 20 हजार ऐसे राशनकार्ड धारकों की जांच कराई थी, जिन्होंने तीन माह से राशन नहीं लिया था। पूर्ति निरीक्षकों की रिपोर्ट में ये पता चला कि इन राशन कार्ड धारकों की या तो मृत्यु हो चुकी है या वे पलायन कर गए हैं। इसी रिपोर्ट पहर जिला पूर्ति अधिकारी यूआर खान ने जिले में 12327 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड निरस्त कर दिए। कार्ड निरस्त होने के बाद डीलरों और लोगों में हड़कंप मच गया है।
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आखिर क्यों निरस्त हुए कार्ड
पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर तीन माह से राशन नहीं लिया गया तो उनका कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का मानना है जिन लोगों ने लगातार तीन माह से राशन नहीं लिया है या तो उनके राशन कार्ड फर्जी हैं या फिर वे कहीं दूसरी जगह जाकर बस गए हैं। ऐसे में अगर उनके राशन कार्ड बने रहेंगे तो कोटा डीलर फर्जीवाड़ा करता रहेगा।
50 लाख का बचेगा राशन और तेल
जिले में 12327 हजार राशन कार्ड कम हो जाने से खजाने पर बोझ काफी कम हो जाएगा। बताते चलें कि एक राशन कार्ड पर औसतन चार से पांच यूनिट होते हैं। प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं, दो किलो चावल और दो लीटर केरोसिन मिलता है। ऐसे में अगर इनका कुल आंकलन करें तो प्रत्येक माह लगभग 50 लाख रुपये का प्रशासन पर बोझ कम पड़ेगा।
प्रॉक्सी से राशन लेने वाले 432 कार्ड भी निरस्त
इनके अलावा जिले में 432 अन्य राशन कार्ड भी पूर्ति विभाग ने निरस्त किए हैं। ये वे राशन कार्ड हैं जो लगातार बीते तीन माह से बिना अंगूठा लगाए ही राशन प्राप्त कर रहे थे। कई बार कहने के बाद भी उन्होंने अपने आधार से बायोमेट्रिक लिंक नहीं कराया। इसे अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की गई है।
हाईलाइटर्स
-694 हैं ग्रामीण राशन की दुकानें
-106 हैं शहरी राशन की दुकानें
-2.37 लाख बचे हैं पात्र गृहस्थी कार्ड
-45894 हैं अन्त्योदय कार्ड
-9.50 लाख हैं कुल यूनिट
शासन के आदेश पर लगातार तीन माह तक राशन न लेने वालों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। आगे भी जांच चल रही है है तो भी ऐसे मामले मिलेंगे उनमें कार्ड निरस्त किए जाएंगे। सभी कार्डधारक नियमित राशन लेते रहें।
यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।