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आलू और सरसों के लिए आफत बन सकती है बारिश

Fri, 17 Jan 2020 11:25 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 11:25 PM IST
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raining, potato
17एमएनपी-29-बारिश के कारण खराब हुई आलू की फसल - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। दो दिनों से हो रही बारिश आलू और सरसों की फसल के लिए आफत बन सकती है। सरसों की फसल जहां खेतों में बिछ गई है तो वहीं आलू की बेल सड़ना शुरू हो गई है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उबर आई हैं। अगर अब मौसम ने रहम न किया तो किसान बरबाद हो जाएंगे।
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बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को दिन और रात में भी जारी रही। शुक्रवार की सुबह भी हल्की बूंदाबांदी र्हुई। दरअसल बारिश और हवा से सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। इससे एक ओर जहां सरसों के दाने का विकास रुक जाएगा तो वहीं पौधा भी खराब होना शुरू हो गया है। अगर आलू की फसल की बात करें तो बारिश से बेल तो सड़ने ही लगी है, वहीं पानी भरने से जो आलू विकसित हो गया है, वह भी सड़ जाएगा। अगर अब और बारिश हुई तो किसानों को फसल की लागत भी नहीं मिलेगी। पहले ही धान की सफल में हुए नुकसान के बाद से किसान परेशान हैं। अगर आगे भी फसलों में नुकसान हुआ तो किसानों के सामने पेट भरने का भी संकट खड़ा हो जाएगा।
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फसल में न भरने दें पानी
जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों को बचाने का वैसे तो कोई रास्ता नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां रखकर नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आलू और सरसों की फसल में किसान पानी न भरने दें। इससे जो आलू विकसित हो चुका है, उस पर असर नहीं पड़ेगा, वहीं सरसों की फसल को भी गिरने से काफी हद तक बच जाएगी।
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मैंकोजेब का करें छिड़काव
जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि मौसम इस समय आलू के लिए खराब है, जो बेल सही है उसे झुलसा से बचाने के लिए मैंकोजेब दवा का दो से ढाई किलोग्राम प्रति एक हजार लीटर घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव किया जाए। इससे राहत मिलेगी।
हाईलाइटर्स
-03 लाख हैं जिले में पंजीकृत किसान
-20 हजार हेक्टेयर है आलू का क्षेत्रफल
-07 हजार हेक्टेयर है सरसों का क्षेत्रफल
-02 लाख हेक्टेयर हैं रबी का कुल क्षेत्रफल
किसानों की बात
बारिश से किसानों की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने ऋण लेकर फसलों में लागत लगाई थी, वे बैंक का रुपया कैसे चुकाएंगे।
रामरहीस।
आलू की फसल इस बार अच्छी थी। वहीं कीमत भी अच्छी रहने से किसानों को बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन अब आलू की फसल में बहुत नुकसान होगा।
विनोद कुमार।
जिले में सरसों का उत्पादन पहले से ही कम होता है। लेकिन अब बारिश के बाद ये उत्पादन आधे से भी कम हो जाएगा, इससे परेशानी आएगी।
रिंकू कुमार।
पिछले कई सालों से फसलों में नुकसान हो रहा है। जब फसलें तैयार हो जाती हैं, तभी बेमौसम बारिश सब बरबाद कर देती है, किसान आखिर क्या करें।
जितेंद्र सिंह।
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