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रेलवे चिकित्सकों की लापरवाही से गई सेवानिवृत्त कर्मचारी की जान
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टूंडला में रेलकर्मी की मौत के बाद अस्पताल में खड़े परिजन
- फोटो : TUNDLA
टूंडला। रेलवे चिकित्सालय के चिकित्सकों की लापरवाही से एक सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। चिकित्सकों के मौके पर न आने के कारण शव तीन घंटे तक एंबुलेंस में रखा रहा।
नगर के लाइनपार क्षेत्र स्थित नगला रति निवासी चेतराम (64) रेलवे में फिटर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बृहस्पतिवार दोपहर अचानक उनके सीने में तेज दर्द और खांसी हुई तो परिजनों ने उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें खांसी हो रही थी, जिससे कोरोना की शिकायत लग रही थी, चिकित्सकों को उन्होंने बताया भी, इसके बावजूद उनकी जांच तक नहीं की गई।
आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उनकी मौत हुई है। शुक्रवार सुबह परिजनों ने शव को एंबुलेंस में रखवा लिया, लेकिन चिकित्सालय में चिकित्सक के न होने के कारण तीन घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। लापरवाही के चलते परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। बाद में चिकित्सालय पहुंचे अधीक्षक के निर्देश पर कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, इसका इलाज कराया गया था। मृतक को कोरोना वायरस जैसी कोई शिकायत नहीं थी। इसलिए उनकी जांच नहीं कराई गई। अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड भी तैयार है। मृतक के परिजनों के आरोप गलत हैं।
केएल राय सिंघानी, चिकित्सा अधीक्षक, उमरे अस्पताल, टूंडला
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नगर के लाइनपार क्षेत्र स्थित नगला रति निवासी चेतराम (64) रेलवे में फिटर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बृहस्पतिवार दोपहर अचानक उनके सीने में तेज दर्द और खांसी हुई तो परिजनों ने उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें खांसी हो रही थी, जिससे कोरोना की शिकायत लग रही थी, चिकित्सकों को उन्होंने बताया भी, इसके बावजूद उनकी जांच तक नहीं की गई।
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आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उनकी मौत हुई है। शुक्रवार सुबह परिजनों ने शव को एंबुलेंस में रखवा लिया, लेकिन चिकित्सालय में चिकित्सक के न होने के कारण तीन घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। लापरवाही के चलते परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। बाद में चिकित्सालय पहुंचे अधीक्षक के निर्देश पर कागजी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, इसका इलाज कराया गया था। मृतक को कोरोना वायरस जैसी कोई शिकायत नहीं थी। इसलिए उनकी जांच नहीं कराई गई। अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड भी तैयार है। मृतक के परिजनों के आरोप गलत हैं।
केएल राय सिंघानी, चिकित्सा अधीक्षक, उमरे अस्पताल, टूंडला