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आगरा में यहां अब पानी के लिए नहीं बहेगा खून, उठाया गया ये कदम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 20 Jan 2018 04:28 PM IST
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नलकूप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आगरा के यमुनापार क्षेत्र में एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। टैंकरों से पानी लेने के लिए क्षेत्र के लोगों के बीच आए दिन झगड़े होते रहते हैं।
कई बार खूनी संघर्ष भी हो चुका है। गर्मियों में हालात और भी भीषण हो जाते हैं। अब जल संकट दूर करने के लिए ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए 16 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इससे यमुनापार के आधे क्षेत्र में जल संकट दूर होगा। वहीं टैंकर संचालकों का भी रैकेट ध्वस्त हो जाएगा।
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यमुनापार के अधिकांश क्षेत्र में जल संस्थान के पानी की सप्लाई नहीं है। भूमिगत पानी भी खारा है। इसके चलते इस क्षेत्र के लोग टैंकरों के पानी पर ही निर्भर हैं।
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कई बार खूनी संघर्ष भी हो चुका है। गर्मियों में हालात और भी भीषण हो जाते हैं। अब जल संकट दूर करने के लिए ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है।
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क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए 16 ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इससे यमुनापार के आधे क्षेत्र में जल संकट दूर होगा। वहीं टैंकर संचालकों का भी रैकेट ध्वस्त हो जाएगा।
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यमुनापार के अधिकांश क्षेत्र में जल संस्थान के पानी की सप्लाई नहीं है। भूमिगत पानी भी खारा है। इसके चलते इस क्षेत्र के लोग टैंकरों के पानी पर ही निर्भर हैं।
क्षेत्र की इस समस्या को दूर करने के लिए वर्ष 2015 में ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की योजना तैयार की गई थी। इसके तहत हाथरस रोड स्थित गांव नंदलालपुर और नाऊ की सराय में 16 ट्यूबवेल लगाए गए हैं।
इन ट्यूबवेलों से नाऊ की सराय में स्थित काफी बड़ा पानी का टैंक भरा जाता है। इस टैंक के पानी को पाइप लाइन के माध्यम से कालिंदी विहार और नरायच क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी भरी जाती हैं।
फिलहाल नौ एमएलडी पानी प्रतिदिन दिया जा रहा है। हालांकि यमुनापार क्षेत्र के लिए यह पानी नाकाफी साबित हो रहा है लेकिन लगभग आधे क्षेत्र के लोगों को इससे राहत मिल रही है।
इन ट्यूबवेलों से नाऊ की सराय में स्थित काफी बड़ा पानी का टैंक भरा जाता है। इस टैंक के पानी को पाइप लाइन के माध्यम से कालिंदी विहार और नरायच क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी भरी जाती हैं।
फिलहाल नौ एमएलडी पानी प्रतिदिन दिया जा रहा है। हालांकि यमुनापार क्षेत्र के लिए यह पानी नाकाफी साबित हो रहा है लेकिन लगभग आधे क्षेत्र के लोगों को इससे राहत मिल रही है।
टैंकर संचालकों का रैकेट होगा ध्वस्त
यमुनापार में जलसंस्थान की न तो पानी की पाइप लाइन है और न ही टैंकरों से पानी की सप्लाई होती है। इससे यहां प्राइवेट टैंकर संचालकों का रैकेट सक्रिय है।
ऐसे में टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूलते हैं। एक-एक बाल्टी पानी के 10-10 रुपये लिए जाते हैं। ट्यूबवेल के पानी सप्लाई से इस रैकेट को काफी चोट लगेगी।
जल निगम के एई महेश गौतम का कहना है कि योजना के अनुरूप सभी ट्यूबवेल लगा दिए गए हैं। इनसे पानी सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। इस क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
ये भी जानें
16 ट्यूबवेल लगाए गए हैं पानी सप्लाई को
09 एमएलडी पानी की होगी क्षेत्र में सप्लाई
20 एमएलडी पानी की यमुनापार में प्रतिदिन होती है जरूरत
33.71 करोड़ रुपये की है योजना
ऐसे में टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूलते हैं। एक-एक बाल्टी पानी के 10-10 रुपये लिए जाते हैं। ट्यूबवेल के पानी सप्लाई से इस रैकेट को काफी चोट लगेगी।
जल निगम के एई महेश गौतम का कहना है कि योजना के अनुरूप सभी ट्यूबवेल लगा दिए गए हैं। इनसे पानी सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। इस क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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09 एमएलडी पानी की होगी क्षेत्र में सप्लाई
20 एमएलडी पानी की यमुनापार में प्रतिदिन होती है जरूरत
33.71 करोड़ रुपये की है योजना